करनाल जिले के भाजपा नेता और प्रसिद्ध व्यापारी संजय गांधी जो 3 दिन से लापता थे, का शव पानीपत जिले के समालखा कस्बे के गांव डिडवाड़ी नहर से मिला है। 23 अगस्त को करनाल में पश्चिमी यमुना नहर के पास संजय गांधी की स्कूटी लावारिस हालत में मिलने के बाद गांधी के नहर में डूबने की संभावनाएं जताई गई थीं। प्रगट सिंह गोताखोर की टीम उन्हें नहर में तलाश रही थी।
गुरुवार दोपहर को पानीपत जन सेवा दलकर्मी कपिल मल्होत्रा ने गोताखोर को शव मिलने की सूचना दी, जिसके बाद वे पानीपत पहुंचे। परिजनों को उनकी फोटो दिखाई गई, जिसके बाद उन्हीं के होने की पुष्टि हुई। शव को पानीपत सिविल अस्पताल ले जाया गया, जहां परिजनों के बयानों के आधार पर पुलिस ने आगामी कार्रवाई शुरू कर दी है।
यह था पूरा मामला
23 अगस्त को करनाल के नरसी गांव निवासी भाजपा नेता एवं जूता व्यापारी संजय गांधी 23 अगस्त की सुबह करीब साढ़े 9 बजे घर से निकले थे। वे अपने स्वीपर की स्कूटी लेकर गए थे। परिजनों ने संजय गांधी के घर न आने के बारे में उसके साथियों को अवगत कराया था। सभी साथी व परिजन व्यापारी को खोजने के लिए निकल पड़े थे। शाम के समय परिजनों को पश्चिमी यमुना नहर किनारे स्कूटी मिली, जो संजय गांधी लेकर गए थे। परिजनों ने बताया था कि वे नहर पर फूल प्रवाहित करने आए थे।

