हरियाणा में विधानसभा और लोकसभा चुनाव के दौरान भीतरघात और विश्वासघात करने वालों को BJP सबक सिखाएगी। BJP ऐसे किसी नेता या पदाधिकारी को चेयरमैनी सहित लाभ का पद नहीं देगी। यह फैसला BJP की आंतरिक कमेटी की बनी बैठक में लिया जा चुका है।
भाजपा ने 2 चुनावों की सर्वे रिपोर्ट पर एक लिस्ट तैयार की है। इसमें उन नेताओं और पदाधिकारियों के नाम है जिन्होंने चुनाव में भाजपा प्रत्याशियों को हराने का काम किया। सभी भाजपा जिलाध्यक्षों को खास तौर पर मैसेज दिया गया है कि इनको पार्टी के कार्यक्रमों में भी तब तक आमंत्रित नहीं किया जा सकता, जब तक ऊपर से आदेश ना आ जाए।
इतना ही नहीं किसी भी पद के लिए इनके नाम न भेजने की सलाह भी दी गई है। ऐसे करीब 100 से ज्यादा पदाधिकारी, वर्कर और नेता हैं जो चेयरमैनी सहित कई पदों से दूर रह सकते हैं। भाजपा पूरे हरियाणा में करीब 2088 वर्करों को एडजस्ट करेगी।
इसमें मार्केट कमेटी, चेयरमैन, सीएम विंडो प्रमुख, निगरानी कमेटी सहित कई ऐसे विभाग हैं जिसमें वर्कर एडजस्ट किए जाएंगे। 15 अगस्त के बाद इनकी नियुक्तियों पर विचार पार्टी करेगी।
हिसार से पूर्व मंत्री एवं मौजूदा विधायक सावित्री जिंदल, बरवाला में जिला पार्षद महंत दर्शनगिरी, पूर्व मेयर गौतम सरदाना, उकलाना में पूर्व प्रत्याशी सीमा गैबीपुर, भाजपा के पूर्व कोषाध्यक्ष तरूण जैन, शमशेर गिल।
रेवाड़ी से बॉलीवुड स्टार राजकुमार राव के रिश्ते में जीजा लगने वाले सुनील राव, प्रशांत सन्नी। गुरुग्राम से नवीन गोयल, पंडित GL शर्मा। सोनीपत से अमित जैन, इंदु वलेचा के पति पूर्व पार्षद संजीव वलेचा। पानीपत से आशु सत्यवान शेरा।
रोहतक से फतेह सिंह, हरेंद्र मोखरा, विकास सिवाच, मुकेश कुमार, पूर्व सरपंच रोहताश, नवीन उप्पल, राकेश कुमार। भिवानी से सुरेश ओड, शशि परमार। करनाल से कर्ण देव कंबोज, नीलोखेड़ी से मीना चौहान। सिरसा से रणजीत चौटाला, आदित्य देवीलाल, कालांवाली से बलकौर सिंह। जींद के सफीदों से बचन सिंह आर्य और यमुनानगर से देवेंद्र चावला, साढौरा से दाताराम के नाम भाजपा की लिस्ट में शामिल है।
हरियाणा विधानसभा चुनाव में भाजपा ने भले ही बंपर जीत हासिल की हो, लेकिन वह हरियाणा के 5 जिलों में अपना खाता भी नहीं खोल पाई थी। इन जिलों में नूंह, सिरसा, झज्जर, रोहतक और फतेहाबाद शामिल हैं। इन जिलों में कुल 19 विधानसभा सीटें हैं।
सिरसा और फतेहाबाद की सभी 8 सीटों पर कांग्रेस ने जीत दर्ज की थी। रोहतक लोकसभा के अंतर्गत आने वाली सीटों पर हुड्डा फैक्टर ने काम किया। दोनों जिलों की 8 में से 7 सीटों पर कांग्रेस ने जीत दर्ज की। यहां भाजपा दूसरे या तीसरे स्थान पर रही थी। इसलिए भाजपा का सबसे ज्यादा फोकस इन जिलों में ही रहने वाला है।

