भाजपा का आईटी सेल वैसे तो हमेशा सक्रिय रहता है, पर लोकसभा चुनाव के मद्देनजर इसकी गतिविधियां 3 गुना तक बढ़ गई हैं। हरियाणा भाजपा की आईटी सेल के टॉप लीडर 15-16 घंटे तक लैपटॉप, टैबलेट व मोबाइल पर ऑनस्क्रीन रहते हैं। वे फोल्ड की टीम को दिए गए टास्क की समीक्षा करते हैं।
सेल के एक पदाधिकारी की मानें तो फील्ड में पार्टी कैडर के करीब साढ़े तीन हजार कार्यकर्ता आईटी सेल से जुड़कर रोज 4 घंटे काम कर रहे हैं। पार्टी का हर नेता इस टीम से मिले डेटा के हिसाब से ही काम कर रहा है।
लोकसभा चुनाव को लेकर प्रदेश में आईटी सेल 3 जगह से वॉर कर रहा है। सभी मॉनिटरिंग यमुनानगर से हो रही है। यहां डेटा के जरिए विरोधियों पर वॉर होता है। वहीं, गुरुग्राम से सोशल मीडिया पर काउंटर अटैक होता है। रोहतक में प्रशिक्षण का काम हो रहा है।
यमुनानगर में धौपर ग्राउंट एरिया में एक शोरूम के ऊपरी भाग में आईटी सेल का वॉर रूम है। यहां आईटी एक्सपर्ट की टीम है। यहां से पार्टी के पेज व ऐप अपडेट होते हैं। हर विधानसभा क्षेत्र का हर तरह का डेटा वार्ड व गांव वाइन है।
फील्ड में साढ़े तीन हजार कार्यकर्ताओं में से किसको क्या प्रशिक्षण देना है? इसमें किस-किस को शामिल करना है? कैसे पार्टी के नमो एप से लोगों को जोड़ना है? विकसित भारत के सपने का प्रसार कैसे करना है? यह यहां की टीम तय करती है। फील्ड में काम करने वालों को सुबह दिए टास्क की शाम को समीक्षा होती है। है अगले दिन का टास्क तय होता है।
गुरुग्राम से संचालित ऑफिस सोशल मीडिया का है। यहां से ही विरोधी दलों के एक्स, फेसबुक, इंस्टाग्राम व वॉट्सऐप पर प्रसारित होने वाले मैसेज को काउंटर किया जाता है। भाजपा की नीतियों से संबंधित बातों को आम आदमी तक पहुंचाने की जिम्मेदारी इसी टीम की है। रोहतक में बने स्टेट ऑफिस में हर सेल के प्रशिक्षण का काम हो रहा है।
भाजपा आईटी सेल के यमुनानगर ऑफिस में प्रदेशभर का महत्वपूर्ण डेटा महीनों पहले ही स्टोर कर लिया गया है। जब भी पार्टी का बड़ा नेता किसी एरिया का जातीय, धार्मिक, आयु, वर्ग, विकास कार्यों, पिछले चुनावों व सरकारों का तुलनात्मक डेटा मांगता है तो यह टीम सेकंडों में उपलब्ध कराती है। उसी के हिसाब से नेता बोलते हैं। उस एरिया के महान लोगों को याद करते हैं, ताकि संबंधित समुदाय में भावनात्मक जुड़ाव दिखाया जा सके।
