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अनिल विज को BJP ने कारण बताओ नोटिस निकाला:बड़ौली ने 3 दिन में जवाब मांगा, CM-अध्यक्ष के खिलाफ बयानबाजी की थी

हरियाणा BJP ने मंत्री अनिल विज को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। उनसे 3 दिन में जवाब मांगा गया है। विज ने कुछ दिन पहले CM नायब सैनी और पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष मोहन लाल बड़ौली के खिलाफ बयानबाजी की थी।

विज ने बड़ौली से हिमाचल में गैंगरेप की FIR दर्ज होने के बाद इस्तीफा मांग लिया था। वहीं CM पर भी उन्होंने लगातार निशाने साधे थे। उन्होंने यहां तक कह दिया था कि हमारे मुख्यमंत्री, जब से CM बने हैं तब से उड़नखटोले पर ही हैं। इसके बाद अब अध्यक्ष मोहन लाल बड़ौली की तरफ से उन्हें नोटिस जारी किया गया है।

अनिल विज ने 2 फरवरी को सोनीपत के गोहाना में कहा- मोहनलाल बड़ौली को भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पद से इस्तीफा देना चाहिए। जिस व्यक्ति पर IPC की धारा-376D (महिला से गैंगरेप) के आरोप हों, वह महिलाओं की मीटिंग किस तरह ले सकता है।

अब हम यह तो कह नहीं सकते कि महिलाओं को BJP से बैन कर दिया गया है। हम तो महिलाओं को 30% बढ़ा रहे हैं। ऐसे में धारा-376 का आरोपी शख्स प्रदेशाध्यक्ष नहीं रह सकता। हमारे बड़े-बड़े नेताओं पर भी आरोप लगे थे। आडवाणी पर भी आरोप लगे थे, उनका नाम आया था और उन्होंने त्यागपत्र दे दिया था। बड़ौली उनसे बड़े तो नहीं हैं। उन्हें त्यागपत्र दे देना चाहिए। वह बातें उनकी, मानें या ना मानें।

अनिल विज ने 31 जनवरी को अंबाला में कहा- जिन लोगों ने मुझे चुनाव हराने की कोशिश की, चाहे वह अधिकारी थे, कर्मचारी थे या छुटभैये नेता थे। मैंने इन सबके बारे में लिखकर दिया। 100 दिन हो चुके हैं, इस मामले में न तो मुझसे पूछा गया, न ही कोई कार्रवाई हुई। मुझे शक था कि मुझे हराने के लिए किसी बड़े नेता के द्वारा ये काम किया गया है।

यहां तक कि मुझे मारने का भी प्रयास किया गया। मैं सबसे सीनियर नेता हूं, अगर मैं कह रहा हूं मेरे खिलाफ हराने की कोशिश की है, तो तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए थी। 100 दिन तक कुछ नहीं किया गया, अब तो वह करें न करें मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता है। हमारे मुख्यमंत्री, जब से CM बने हैं तब से उड़नखटोले पर ही हैं।

नीचे उतरे तो जनता के प्रति देखें। ये मेरी आवाज नहीं है, सारे एमएलए सारे मंत्रियों की आवाज है। अंबाला छावनी की जनता ने मुझे यहां से जिताया है। उनके कामों के लिए मुझे जो भी करना पड़ेगा वह करूंगा। जान देनी पड़े तो दूंगा। धरना देना पड़े दूंगा। अनशन करना पड़े करूंगा।

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