हरियाणा में स्वास्थ्य विभाग ने जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र सहित अपनी विभिन्न सेवाओं की दरों में वृद्धि की है। यह वृद्धि दो से तीन गुना तक की गई है। हरियाणा सरकार ने इस संबंध में स्वास्थ्य विभाग को एक गजट नोटिफिकेशन भी जारी किया है, जिसमें बढ़ी हुई फीस का उल्लेख है।
सरकार ने अब ‘सर्च चार्ज’ के रूप में 60 रुपए का नया शुल्क जोड़ा है, जो पहले नहीं लगता था। इसके अतिरिक्त, 50 रुपए का ‘सर्टिफिकेट चार्ज’ भी लगाया गया है। यदि प्रमाण पत्र सीएससी (कॉमन सर्विस सेंटर) केंद्रों से आवेदन किया जाता है, तो 30 रुपए का अतिरिक्त शुल्क देना होगा। इस प्रकार, अब प्रमाणित प्रति 140 रुपए में मिलेगी, जबकि पहले यह 55 से 85 रुपए में उपलब्ध थी।
अस्पतालों या नगर निगमों से जन्म या मृत्यु प्रमाण पत्र प्राप्त करने पर एक वर्ष तक के बच्चे का प्रमाण पत्र निःशुल्क दिया जाएगा और बच्चे का नाम दर्ज करवाना भी एक वर्ष तक निःशुल्क रहेगा। एक वर्ष से अधिक उम्र के बच्चे के लिए 50 रुपए सर्टिफिकेट फीस और 50 रुपए सर्चिंग फीस देनी होगी।
यानी, एक वर्ष से अधिक उम्र के बच्चे के जन्म या मृत्यु प्रमाण पत्र के लिए कुल 100 रुपए प्रति कॉपी का भुगतान करना होगा, जो पहले 25 से 50 रुपए था।
सीएससी केंद्रों से प्रमाण पत्र प्राप्त करने की सुविधा के लिए 30 रुपए का अतिरिक्त सीएससी चार्ज लगेगा। इसका मतलब है कि एक वर्ष तक के बच्चे के लिए 80 रुपए और एक वर्ष से अधिक उम्र के बच्चे के लिए 140 रुपए का भुगतान करना होगा। पहले ये शुल्क क्रमशः 55 रुपए और 85 रुपए थे।
स्वास्थ्य विभाग द्वारा प्रदान की जाने वाली इन सेवाओं में जन्म प्रमाण पत्र जारी करना, मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करना, जन्म प्रमाण पत्र में नाम दर्ज करवाना और जारी किए गए प्रमाण पत्रों में गलतियों को ठीक करना शामिल है। ये सेवाएं आम जनता के लिए दैनिक आवश्यकता की हैं।
अब जन्म प्रमाण पत्रों में बच्चों के नाम वाले कॉलम में 15 वर्ष बाद भी बच्चे का नाम अंकित किया जा सकेगा। इस बारे में नगर निगम की मांग पर चीफ रजिस्ट्रार डीजी हेल्थ ने पत्र जारी कर दिया है। पत्र में निर्देश दिए हैं कि संबंधित रजिस्ट्रार के पास बच्चों के नाम जन्म प्रमाण पत्र में 15 वर्ष बाद भी नाम दर्ज करवाए जा सकते हैं। इसके लिए ऑफलाइन आवेदन संबंधित दस्तावेजों के साथ जमा करवाना होगा।
