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कश्मीर में आतंकियों से मुठभेड़ में बिहार का जवान शहीद, मां-पिता और पत्नी को नहीं दी गई सूचना 

जम्मू-कश्मीर के बारामूला जिले के उरी सेक्टर में मंगलवार रात आतंकियों और सेना के बीच मुठभेड़ हो गई. इस दौरान बिहार के भागलपुर जिले के रंगरा प्रखंड के चापर गांव के वीर जवान अंकित यादव शहीद हो गए. अंकित सेना में हवलदार के पद पर तैनात थे और उनकी ड्यूटी उरी सेक्टर के टिका पोस्ट के पास थी.

मंगलवार रात आतंकियों ने अचानक गोलीबारी शुरू कर दी, जिसका सेना ने मुंहतोड़ जवाब दिया. इस दौरान अंकित को गोली लग गई, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए. घायल अंकित को तत्काल एआईपी-06 और फिर देवी पोस्ट ले जाया गया. बटालियन के आरएमओ ने उनका इलाज किया, लेकिन गंभीर चोटों के कारण बुधवार सुबह 6:30 बजे उन्होंने अंतिम सांस ली.

सेना के अधिकारियों ने बुधवार सुबह 10 बजे अंकित के बड़े भाई निरंजन यादव को उनकी शहादत की सूचना दी. निरंजन, जो सेना से रिटायर होकर झारखंड के सैप में कार्यरत हैं, तुरंत घर के लिए रवाना हो गए.

अंकित के परिवार में उनकी बूढ़ी मां सविता देवी, पिता लक्ष्मी यादव, पत्नी और दो बच्चे हैं. उनकी शहादत की खबर अभी माता-पिता और पत्नी को नहीं दी गई है. अंकित चार भाइयों और तीन बहनों में सबसे छोटे थे.

अंकित के बड़े भाई निरंजन जेसीओ के पद से रिटायर हैं, मंझले भाई मिथलेश यादव आरपीएफ में एसआई के रूप में पटना में तैनात हैं, और तीसरे भाई मुकेश यादव भी सेना से रिटायर हैं.

अंकित का बचपन से ही सपना देश की सेवा करना था. उन्होंने गांव के सद्भाव हाई स्कूल से मैट्रिक पास किया और सेना में भर्ती होकर अपने सपने को साकार किया. 2017 में उनकी शादी हुई थी, और उनके दो बच्चे हैं, जो पत्नी के साथ कटिहार में रहते हैं. एक महीने पहले ही उनका तबादला मेरठ से कश्मीर हुआ था.

अंकित के गांव चापर में इस समय बाढ़ का कहर छाया हुआ है. उनके घर में भी पानी घुस गया है. इस कारण शहीद के पार्थिव शरीर को अंतिम दर्शन के लिए गांव के बाहर टेंट में रखा जाएगा. प्रशासन पूरे सैन्य सम्मान के साथ उनके अंतिम संस्कार की तैयारी कर रहा है. ग्रामीण अपने वीर सपूत के अंतिम दर्शन के लिए प्रतीक्षा कर रहे हैं

अंकित के पिता लक्ष्मी यादव एक किसान हैं, जबकि मां सविता देवी गृहिणी हैं. परिवार में सैन्य परंपरा रही है, क्योंकि अंकित के दो भाई भी सेना में अपनी सेवाएं दे चुके हैं. अंकित की शहादत ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है, लेकिन उनकी वीरता पर गर्व भी है.

पड़ोसी जितेंद्र ने बताया कि अंकित न केवल एक बहादुर सैनिक थे, बल्कि एक सरल और मिलनसार व्यक्ति भी थे. उनकी शहादत पर पूरा नवगछिया अनुमंडल और भागलपुर जिला गौरवान्वित है. अंकित की वीरता और बलिदान ने पूरे क्षेत्र में देशभक्ति की भावना को और मजबूत किया है.

“अंकित न केवल एक बहादुर सैनिक थे बल्कि एक सरल और मिलनसार व्यक्ति भी थे. उनकी शहादत पर पूरा नवगछिया अनुमंडल और भागलपुर जिला गौरवान्वित है. वर्तमान में पूरा क्षेत्र बाढ़ की चपेट में है. एक तरफ लोग अपने वीर सपूत की अंतिम विदाई की तैयारी में है, दूसरी ओर बाढ़ से निपटने में जुटे हैं. प्रशासन पूरे सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार की तैयारी कर रहा है. ग्रामीण वीर जवान के अंतिम दर्शन की प्रतीक्षा में हैं.”

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