हरियाणा के CM मनोहर लाल खट्‌टर ने MBBS के प्रथम वर्ष में प्रवेश लेने वाले छात्रों को बड़ी राहत दी है। छात्रों को अब प्रवेश के दौरान देने वाले 10 लाख रुपए का बॉन्ड नहीं देना होगा। अब छात्रों को सिर्फ कॉलेज या बैंक के साथ बॉन्ड कम ऋण का एग्रीमेंट करना होगा।

मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने MBBS पूरा करने के बाद डॉक्टरों को सरकारी सेवा का विकल्प चुनने के लिए प्रोत्साहित करने के संबंध में आयोजित समीक्षा बैठक में यह फैसला लिया।

MBBD-MD पास-आउट छात्र डॉक्टर के रूप में राज्य सरकार की सेवा में शामिल होना चाहते हैं और सात साल की निर्दिष्ट अवधि के लिए काम करते हैं तो राज्य सरकार बॉन्ड राशि का वित्तपोषण करेगी। वहीं जो उम्मीदवार हरियाणा में डॉक्टर के रूप में सरकारी सेवा में शामिल नहीं होना चाहते उन्हें उक्त राशि का भुगतान स्वयं करना होगा।

राज्य के अस्पतालों में सेवाएं नहीं देने वाले छात्रों की संबंधित स्नातक डिग्री उम्मीदवारों द्वारा सभी वित्तीय देनदारी पूरी करने के बाद ही जारी की जाएगी। सरकार ने यह कदम इसलिए उठाया है ताकि MBBS करने के बाद छात्र सरकारी अस्पतालों में काम कर सकें और राज्य के लोगों को अपनी सेवाएं दे।

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