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हरियाणा में प्रॉपर्टी मालिकों को बड़ी राहत: 15 साल का ब्याज माफ, 30 जून तक भरें सिर्फ मूल टैक्स

हरियाणा सरकार ने शहरी क्षेत्रों के लाखों संपत्ति मालिकों को बड़ी राहत देते हुए वित्तीय वर्ष 2010-11 से 2024-25 तक के लंबित संपत्ति कर (PT) पर लगने वाले पूरे 100 प्रतिशत ब्याज को माफ करने का फैसला किया है। शहरी स्थानीय निकाय विभाग (ULBD) ने इस संबंध में नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। योजना के तहत करदाता यदि 30 जून 2026 तक अपने बकाया प्रॉपर्टी टैक्स की मूल राशि जमा कर देते हैं और पोर्टल पर अपनी संपत्ति का विवरण स्व-प्रमाणित (SC) कर देते हैं, तो उन्हें वर्षों से जुड़ा पूरा ब्याज नहीं देना होगा।

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कुछ दिन पहले प्रॉपर्टी टैक्स पर ब्याज माफी की घोषणा की थी। अब शहरी स्थानीय निकाय विभाग ने इसे औपचारिक रूप से लागू कर दिया है। सरकार का मानना है कि इससे आम लोगों पर आर्थिक बोझ कम होगा और नगर निगमों, नगर परिषदों तथा नगर पालिकाओं की टैक्स वसूली में उल्लेखनीय सुधार होगा।

यह योजना हरियाणा के सभी शहरी क्षेत्रों में जैसे कि, गुरुग्राम, फरीदाबाद, करनाल, पानीपत, हिसार, रोहतक, अंबाला, के आवासीय, व्यावसायिक और औद्योगिक संपत्ति मालिकों पर लागू होगी। विभागीय सूत्रों के अनुसार, हरियाणा के शहरी क्षेत्रों में करीब 18 से 20 लाख प्रॉपर्टी यूनिट्स पंजीकृत हैं। इनमें से लगभग 4 से 5 लाख संपत्तियों पर किसी न किसी रूप में टैक्स बकाया है।ब्याज और जुर्माने सहित कुल बकाया राशि ₹1,500 करोड़ से अधिक आंकी जा रही है। ब्याज माफी के कारण लोगों को अनुमानित रूप से ₹200 से ₹400 करोड़ तक की राहत मिल सकती है।

अधिसूचना के अनुसार, यदि करदाता निर्धारित तिथि तक भुगतान नहीं करते हैं, तो बकाया पर पहले की तरह 1.5 प्रतिशत प्रतिमाह (या उसके अंश) के हिसाब से ब्याज लगता रहेगा। उदाहरण के तौर पर, यदि किसी पर ₹50 हजार का टैक्स बकाया है, और ब्याज ₹20 हजार जुड़ चुका है, तो 30 जून तक केवल ₹50 हजार जमा करके पूरा मामला निपटाया जा सकता है।

योजना का लाभ लेने के लिए करदाताओं को बकाया प्रॉपर्टी टैक्स की मूल राशि जमा करनी होगी।संपत्ति के क्षेत्रफल, उपयोग और मालिकाना संबंधी जानकारी पोर्टल पर सत्यापित करनी होगी। स्व-प्रमाणन पूरा करना होगा। इससे विभाग के रिकॉर्ड भी अपडेट होंगे और भविष्य में गलत आकलन या विवाद की संभावना कम होगी।

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