हरियाणा रोडवेज की बसों के चालकों के लिए एक जरूरी खबर सामने आई है। साल 1997 तक परिवहन विभाग में भर्ती हुए चालकों में से बड़ी संख्या में चालकों के पास दूसरे राज्यों से बनवाए हुए वाहन चालान लाइसेंस है। मौजूदा समय में इन लाइसेंसों को सत्यापित कराना संभव नहीं है, जिस वजह से हरियाणा परिवहन विभाग की तरफ से अब ऐसे चालकों के लाइसेंसों को रिन्यू करवाया जाएगा या या फिर इन्हें नए सिरे से बनवाया जाएगा। इसी के तहत प्रदेश के सभी रोडवेज जीएम की जिम्मेदारी तय करते हुए उन्हें 1 महीने का समय दिया गया है।
बता दें कि विभाग के निदेशक की ओर से सभी रोडवेज जीएम को जारी पत्र क्रमांक 4837/62/ए3/ई3/ दिनांक 6 सितम्बर 2022 के तहत 19 November 1997 को रोडवेज विभाग के वाणिज्य अधिकारियों की एक बैठक हुई थी। इस बैठक के दौरान फैसला लिया गया था कि दूसरे राज्यों में बने लाइसेंसों की पुष्टि संभव नहीं है। जिस वजह से या तो इन लाइसेंसों कैंसिल किया जाए या तो हरियाणा के DTO कार्यालय से बनवाई जाए या फिर संपूर्ण दस्तावेज के साथ नए सिरे से बनवाया जाए।
उसी Meeting में जारी हुए पत्र का हवाला देते हुए जीएम को निर्देश दिए गए कि वह खुद पुराने रोडवेज चालकों के लाइसेंसों की अच्छी प्रकार से जांच करें यदि किसी चालक का लाइसेंस बाहरी क्षेत्र का है तो उसे रिन्यू करवाएं या फिर नया लाइसेंस बनवाए। इस Work के लिए 1 महीने का समय दिया गया है। रोडवेज बसों में एक्सीडेंट होने की स्थिति में चालक का लाइसेंस दूसरे राज्यों से बना होने के कारण बीमा कंपनियों क्लेम भुगतान करने से मना कर देती है, जिसके बाद Accident का सारा खर्चा परिवहन विभाग को ही उठाना पड़ता है।
इंश्योरेंस कंपनियों की तरफ से चालको से वैध लाइसेंस की मांग की जाती है, Other State से बनवाए हुए लाइसेंसों को वैद्य साबित करना आसान नहीं होता। सभी महाप्रबंधकों को निर्देश दिए गए हैं कि वह 1 सप्ताह के अंदर लाइसेंस से संबंधित रिपोर्ट तैयार करने के बाद उसे निदेशालय में भेज दे।

