उत्तराखंड के केदारनाथ धाम के पास रविवार सुबह एक बड़ा हेलिकॉप्टर हादसा हो गया। सुबह करीब 5:20 बजे गौरीकुंड के पास एक हेलीकॉप्टर क्रैश हो गया, जिसमें सात लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। इस हादसे के बाद चारधाम यात्रा के लिए चलाई जा रही सभी हेलीकॉप्टर सेवाएं अस्थायी रूप से बंद (सस्पेंड) कर दी गई हैं।

उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण (UCADA) ने जानकारी दी कि हेलिकॉप्टर गौरीकुंड की ओर जा रहा था, जिसमें 7 यात्री सवार थे। दुर्घटना के बाद एनडीआरएफ (NDRF) और एसडीआरएफ (SDRF) की टीमें तुरंत घटनास्थल पर पहुंचीं और राहत कार्य शुरू किया गया। मरने वालों में लोग उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र और गुजरात के बताए जा रहे हैं।

इस दर्दनाक घटना के बाद प्रशासन ने बड़ा फैसला लिया है। चारधाम यात्रा के दौरान चल रही सभी हेलीकॉप्टर सेवाओं को अगले आदेश तक के लिए सस्पेंड कर दिया गया है। यह निर्णय यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए एहतियातन लिया गया है।

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस हादसे पर गहरा दुख जताया और हेलीकॉप्टर सेवाओं की समीक्षा के आदेश दिए हैं। उन्होंने कहा- “राज्य में हेली सेवाओं के लिए नई और सख्त SOP (स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर) बनाई जाए।”

हर उड़ान से पहले हेलीकॉप्टर की तकनीकी जांच अनिवार्य होनी चाहिए। उड़ान भरने से पहले मौसम की सटीक जानकारी ली जाए। एक तकनीकी विशेषज्ञों की समिति गठित की जाए, जो सभी पहलुओं की समीक्षा करके SOP तैयार करे

यह पहली बार नहीं है जब चारधाम यात्रा के दौरान हेलिकॉप्टर हादसा हुआ हो। 7 जून को भी केदारनाथ की ओर जा रहे एक हेलिकॉप्टर की इमरजेंसी लैंडिंग करानी पड़ी थी। हेलीकॉप्टर ने बडासू हेलिपैड से उड़ान भरी थी, लेकिन टेकऑफ के कुछ ही मिनटों बाद तकनीकी खराबी के चलते उसे सड़क पर लैंड कराना पड़ा।

लगातार हो रहे हेलीकॉप्टर हादसों ने चारधाम यात्रा में यात्रियों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सरकार की ओर से हेलीकॉप्टर सेवाओं को फिलहाल सस्पेंड करना एक जरूरी कदम माना जा रहा है। अब देखना होगा कि नई SOP और तकनीकी जांच के बाद ये सेवाएं कब और कैसे दोबारा शुरू की जाएंगी

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