हरिद्वार से एक चौंकाने वाला लेकिन राहत भरा मामला सामने आया है, जहां सावन के पावन महीने में गंगा स्नान के लिए आए एक ही परिवार के पांच लोग गंगा के तेज बहाव में बह गए। गनीमत रही कि घाट पर तैनात SDRF (राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल) की मुस्तैद टीम ने तुरंत एक्शन लेकर सभी को सुरक्षित बचा लिया।

शनिवार को गुड़गांव से एक परिवार हरिद्वार पहुंचा और कांगड़ा घाट पर गंगा स्नान कर रहा था। स्नान करते समय परिवार के पांचों सदस्य गंगा की गहराई और तेज बहाव का अंदाजा नहीं लगा सके और देखते ही देखते बहाव में बहने लगे। लोगों की चीख-पुकार सुनकर SDRF की रेस्क्यू टीम तुरंत एक्टिव हुई और मौके पर पहुंची।

घाट पर तैनात SDRF की टीम ने दोनों ओर से मोर्चा संभाला एसआई पंकज खरोला, हेड कांस्टेबल आशिक अली और कांस्टेबल नितेश खेतवाल ने डांगी (बोट) लेकर गंगा में बह रहे लोगों की ओर तेजी से बढ़े। दूसरी ओर से हेड कांस्टेबल विजय खरोला, कांस्टेबल कविंद्र चौहान, शिवम, अनिल और रमेश तैरते हुए पहुंचे। एएसआई प्रविन्द्र धस्माना, प्रकाश मेहता और अंकित पाल ने थ्रो बैग (रस्सी के सहारे का उपकरण) फेंककर रेस्क्यू में मदद की। इन सभी जवानों ने एक-एक कर पांचों लोगों को डांगी में बैठाया और सुरक्षित किनारे तक लाया।

हर साल सावन में बड़ी संख्या में श्रद्धालु हरिद्वार पहुंचते हैं। लेकिन कई लोग गंगा की गहराई और तेज बहाव को हल्के में ले लेते हैं, और स्नान करते-करते रेलगार्ड (सुरक्षा सीमा) के पार चले जाते हैं। इसी वजह से ऐसे हादसे अक्सर सामने आते हैं, और SDRF को लगातार सतर्क रहना पड़ता है।

इस घटना के अलावा, SDRF ने हरिद्वार के अन्य घाटों पर अलग-अलग समय पर 6 और श्रद्धालुओं को सुरक्षित रेस्क्यू किया। SDRF की तेज कार्रवाई और टीम वर्क ने एक बड़ा हादसा टाल दिया। गंगा में स्नान करते समय रेलिंग के अंदर ही रहें। तेज बहाव वाले इलाकों में न उतरें। छोटे बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखें। SDRF और स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करें।   

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