भिवानी जिले की चर्चित महिला शिक्षक मनीषा के निधन और अंतिम संस्कार के बाद शुक्रवार को उनकी अस्थियां गढ़ गंगा में प्रवाहित की गईं। मनीषा के छोटे भाई नितेश ने अपने हाथों से बहन की अस्थियों को गंगा में विसर्जित किया और नम आंखों से उन्हें विदाई दी।
मामा कुलदीप ने बताया कि सुबह 7 बजे वे गांव से निकले और दोपहर करीब 4 बजे उत्तर प्रदेश स्थित गढ़ गंगा पहुंचे। मनीषा की अस्थियां गंगा में प्रवाहित की गईं। कुलदीप ने यह भी बताया कि अंतिम संस्कार के 5 दिन बाद श्रद्धांजलि सभा आयोजित की जाएगी, जो 25 अगस्त को गांव में रखी जाएगी।
मनीषा की मौत और अंतिम संस्कार के बाद घर तथा गांव में गमगीन माहौल है। वहीं इस मामले में अभी AIIMS से रिपोर्ट आने का इंतजार है। जिसमें मौत से संबंधित तथ्य सामने आ सकते हैं। दिल्ली एम्स में लिए गए सैंपल को सेंटर फोरेंसिक साइंस लेबोरेट्री (CFSL) में भेजा जाएगा। इधर, सीबीआई जांच के बाद हत्या या आत्महत्या की गुत्थी सुलझ पाएगी।
इधर, मनीषा की मां विनोद देवी अपनी बेटी का अंतिम बार भी चेहरा नहीं देख पाई। मनीषा 11 अगस्त की सुबह सिंघानी के स्कूल में पढ़ाने के लिए घर से निकली थी। जिसका शव 13 अगस्त को गांव सिंघानी के खेतों में पड़ा हुआ मिला।
इसके बाद मनीषा का शव 21 अगस्त सुबह गांव में पहुंचा। जहां शव को घर लेकर जाने की बजाय सीधा श्मशानघाट में लेकर जाया गया। मनीषा को उनके छोटे भाई नितेश (13) ने मुखाग्नि दी। इस दौरान पिता संजय फूट-फूट कर रोए। इसके बाद उनकी तबीयत बिगड़ गई। उन्हें अस्पताल ले जाना पड़ा।
बता दें कि मनीषा 11 अगस्त को घर से निकली थी। 13 अगस्त को उसकी लाश मिली थी। जिसके बाद परिजनों ने हत्या की आशंका जताई। पुलिस ने मनीषा का पहला पोस्टमॉर्टम भिवानी के सिविल अस्पताल में कराया। मगर, परिजनों ने लाश लेने से इनकार कर दिया। उन्होंने मनीषा की हत्या की आशंका जताई। उन्होंने पुलिस पर आरोप भी लगाया कि गुमशुदगी की शिकायत पर पुलिस ने कहा था कि बेटी घर से भाग गई, 2 दिन में आ जाएगी।
इसके बाद सरकार ने भिवानी के SP मनबीर सिंह को हटा दिया। वहीं SHO समेत 5 पुलिसकर्मी सस्पेंड लाइन हाजिर कर दिए थे। मगर, परिजन संतुष्ट नहीं हुए तो PGI रोहतक में फिर पोस्टमॉर्टम कराया गया। जिसमें कहा गया कि मनीषा ने सुसाइड की है। पुलिस ने सुसाइड नोट भी जारी किया।
इसके बाद पिता संजय से अंतिम संस्कार की सहमति ले ली। मगर, गांव ढाणी लक्ष्मण के लोग भड़क गए। उन्होंने अंतिम संस्कार न होने देने का ऐलान करते हुए गांव के रास्ते बंद कर पक्के मोर्चे का ऐलान कर दिया। जिसके बाद परिवार ने मनीषा की मौत की CBI जांच और दिल्ली AIIMS से पोस्टमॉर्टम कराने की मांग की। बुधवार को सरकार दोनों मांगों पर राजी हो गई।
सीएम ने जांच CBI को देने का ऐलान किया। वहीं बुधवार दोपहर बाद मनीषा का दिल्ली एम्स में तीसरी बार पोस्टमॉर्टम कराया गया। वहां से लाश वापस भिवानी अस्पताल लाई गई। जिसके बाद आज, 21 अगस्त को मनीषा का अंतिम संस्कार कर दिया गया।
