हरियाणा में भिवानी के गांव ढाणी लक्ष्मण की रहने वाली टीचर मनीषा की मौत मामले की पहेली 112 दिन बाद भी अनसुलझी है। 89 दिन से सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (CBI) की टीम इस मामले में छानबीन कर रही है। टीम जांच के लिए 4 बार भिवानी आ चुकी है।
टीम ने मनीषा के परिवार से पूछताछ की, घटनास्थल और गांव में जाकर जांच की, लेकिन अभी तक कोई खुलासा नहीं हुआ है। इसके चलते मनीषा के परिजन और ग्रामीण इससे संतुष्ट नहीं हैं। उन्होंने आज (30 नवंबर) से गांव में धरना लगा दिया है।
मनीषा के पिता संजय ने मांग की है कि केस में CBI की जांच तेजी से की जाए और जल्द ही आरोपियों की गिरफ्तारी की जाए। इसके अलावा CBI की जांच कहां तक पहुंची, यह भी स्पष्ट रूप से बताया जाए।
हरियाणा बैरागी समाज के राज्य प्रधान शिवकुमार बोले- हम यहां बेटी मनीषा के लिए न्याय को इकट्ठा हुए हैं। यदि यह न्याय हमें पहले मिल जाता तो हम श्रद्धांजलि सभा में शामिल हो रहे होते। इस धरने की जरूरत नहीं पड़ती। हमने केवल 3 सवाल पूछे हैं।
कारीमोद गांव के सरपंच सूबे सिंह ने धरने में कहा- धरने को सभी का समर्थन मिला है। 36 बिरादरी बेटी मनीषा के लिए न्याय चाहती हैं। सभी को इस बेटी के साथ खड़े रहने की जरूरत है।
धरने में हरियाणा बैरागी समाज के राज्य प्रधान शिवकुमार, किसान नेता सुरेश कौथ, आदि पहुंचे हैं। ये मनीषा के परिवार की मांगों का समर्थन कर रहे हैं।
मनीषा के पिता संजय ने बताया कि दिल्ली से लौटने के बाद उन्होंने CBI टीम को घर बुलाया था। टीम से पता करना था कि बेटी के केस में जांच कहां तक पहुंची? CBI टीम घर पर आई थी। उस दौरान अधिकारी यही कहकर गए थे कि जल्द ही खुलासा किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि शुक्रवार को भी CBI टीम गांव सिंघानी पहुंची थी। इस दौरान भी अधिकारियों से बातचीत हुई। तब भी अधिकारियों ने जांच जारी होने की बात कही। बार-बार पूछने पर अधिकारी टाल रहे हैं।
