दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम (DHBVN) में अब मीटिंग्स के दौरान प्लास्टिक की बोतलें नजर नहीं आएंगी। निगम के नए मैनेजिंग डायरेक्टर अशोक कुमार गर्ग ने कार्यभार संभालते ही पर्यावरण संरक्षण की दिशा में सख्त कदम उठाया है।
उनके निर्देशों के अनुसार, अब किसी भी औपचारिक बैठक या कार्यक्रम में प्लास्टिक की पानी की बोतलों का प्रयोग नहीं किया जाएगा। इसके लिए सभी एक्सईएन से लेकर चीफ इंजीनियरों तक को लेटर जारी किया गया है। लेटर में चेतावनी दी गई है कि अगर इसका पालना नहीं हुआ तो कार्रवाई भी होगी।
नए MD अशोक कुमार गर्ग ने साफ कहा कि निगम की कार्य संस्कृति में सुधार और पर्यावरण के प्रति जवाबदेही उनकी प्राथमिकता में शामिल है। उन्होंने संकेत दिए कि आने वाले दिनों में निगम स्तर पर और भी कई सस्टेनेबल इनिशिएटिव लागू किए जाएंगे।

उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि मुख्यालय और फील्ड कार्यालयों में स्थापित वाटर फिल्टर का नियमित रखरखाव किया जाना चाहिए। यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि ये आरओ सिस्टम अधिकारियों/कर्मचारियों या आम आगंतुकों के पीने के लिए पीने योग्य पानी की आपूर्ति कर रहे हैं। किसी भी प्रकार की लापरवाही के लिए डीएचबीवीएनएल कर्मचारी (दंड और अपील) विनियमों के अनुसार कड़ी कार्रवाई की जा सकती है।
हरियाणा प्रदेश के 10 जिलों हिसार, सिरसा, फतेहाबाद, भिवानी, जींद, पलवल, फरीदाबाद, गुरुग्राम, नारनौल, रेवाड़ी में डीएचबीवीएन के कार्यालय बने हुए हैं। जहां एसई, एक्सईएन, एसडीओ तक के ऑफिस हैं। इन ऑफिसों में नियमित रूप से मीटिंग्स होती हैं।
