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हरियाणा में 25 मई तक ड्रोन उड़ाने पर प्रतिबंध:सुरक्षा बलों को छूट; पहले लेनी होगी अनुमति, नहीं तो होगी कार्रवाई

हरियाणा में 25 मई तक मानव रहित हवाई वाहनों (UAV) ड्रोन के उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध है। राज्य भर के सभी उपायुक्तों, पुलिस आयुक्तों और पुलिस अधीक्षकों को पत्र जारी किया गया है। जिसमे कहा है कि यह प्रिवेंटिव-बैन संभावित खतरों का मुकाबला करने और बढ़ी हुई सुरक्षा परिदृश्यों के दौरान संवेदनशील क्षेत्रों की सुरक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है।

इस संबंध में अधिक जानकारी देते हुए गृह विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. मिश्रा ने कहा कि भारतीय सशस्त्र बलों, केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (सीएपीएफ), राज्य पुलिस, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ द्वारा उपयोग किए जाने को छोड़कर उक्त मामले में पूरे राज्य में प्रतिबंध लगाया गया है।

डॉ. मिश्रा ने सभी पुलिस इकाइयों और स्थानीय अधिकारियों को अपने अधिकार क्षेत्र में ड्रोन की निगरानी तेज करने की सलाह दी है। अगर कोई ड्रोन या यूएवी देखा जाता है या पारगमन में पाया जाता है, तो इसकी सूचना तुरंत निकटतम पुलिस स्टेशन या अधिकारी को दी जानी चाहिए। साथ ही त्वरित एवं उचित कार्रवाई शुरू की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया गया है कि अगर ड्रोन की सामग्री या उत्पत्ति के बारे में कोई संदेह है, तो बम निरोधक दस्तों को शामिल किया जाए।

उन्होंने लोगों से सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध उड़ने वाली वस्तु या ड्रोन की सूचना बिना देरी किए स्थानीय पुलिस या अधिकारियों को देने का आग्रह किया है। उन्होंने यह भी बताया कि इस संवेदनशील अवधि के दौरान सुरक्षा बनाए रखने में नागरिकों से सहयोग सुनिश्चित करने के लिए प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के माध्यम से जागरूकता पैदा की जाएगी।

डॉ. मिश्रा ने आगे जोर देकर कहा कि इस प्रतिबंध के दौरान आधिकारिक सर्वेक्षण उद्देश्यों के लिए ड्रोन की आवश्यकता वाले किसी भी राज्य सरकार के विभाग को संबंधित उपायुक्त और पुलिस अधीक्षक से पूर्व अनुमोदन लेना होगा। इसके अलावा, ड्रोन से संबंधित गतिविधियों में लगे व्यक्तियों और निजी कंपनियों को बिना किसी अपवाद के इस आदेश और संबंधित सलाह के बारे में जानकारी दी जानी चाहिए।

डॉ. मिश्रा ने कहा कि रक्षा बलों के सहयोग से अनएक्सप्लोडेड ऑर्डनेंस (यूएक्सओ) प्रतिक्रिया प्रोटोकॉल का पुलिस द्वारा पालन किया जाना चाहिए। इसके अलावा, किसी भी आपातकालीन स्थिति में प्रभावी जमीनी समन्वय सुनिश्चित करने के लिए स्थानीय प्रशासन द्वारा मॉक ड्रिल भी की जाएगी।

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