देश में इन दिनों एक नाम सबसे ज्यादा चर्चा में है — “काकरोच जनता पार्टी”। जिसका जिक्र अब हरियाणा के नेता भी करने लगे है, सुनने में भले ही यह नाम लोगों को अजीब या मजाकिया लगे, लेकिन सोशल मीडिया पर यह तेजी से वायरल हो चुका है और अब राजनीतिक गलियारों तक इसकी गूंज पहुंच गई है। युवा वर्ग से लेकर राजनीतिक समर्थकों तक, हर कोई इस नाम को लेकर अपनी-अपनी राय दे रहा है।
दरअसल, “काकरोच जनता पार्टी” किसी पारंपरिक राजनीतिक दल की तरह नहीं, बल्कि सोशल मीडिया और डिजिटल दौर की राजनीति का एक नया चेहरा बनकर सामने आई है। इसे लेकर कई तरह की चर्चाएं हो रही हैं। कोई इसे मौजूदा राजनीति पर व्यंग्य बता रहा है, तो कोई इसे युवाओं की नाराजगी और सिस्टम से असंतोष का प्रतीक मान रहा है।
बीजेपी और कांग्रेस पार्टी की टक्कर के फॉलोअर्स होने के बाद ये नाम इतना फ़ेमस हो गया की लोग इससे जुड़ने लगे, जिसमे किसान गुरनाम सिंह चढूनी ने ख़ुद को इस पार्टी का संयोजक बता दिया . वही अब रानियां से विधायक अर्जुन चौटाला ने खुद को “काकरोच जनता पार्टी” का पहला विधायक बता दिया। उनके इस बयान के बाद प्रदेश की राजनीति में नई बहस छिड़ गई है। कोई इसे मजाक बता रहा है, तो कोई इसे इनेलो के अंदर चल रही सियासी हलचल से जोड़कर देख रहा है।
दरअसल, हरियाणा की राजनीति हमेशा से चौटाला परिवार के इर्द-गिर्द चर्चा में रही है। ऐसे में जब इंडियन नेशनल लोकदल के युवा विधायक अर्जुन चौटाला ने सार्वजनिक तौर पर खुद को एक नई और विवादित पहचान से जोड़ लिया, तो राजनीतिक माहौल गरमा गया। लोगों के बीच सवाल उठने लगे कि क्या यह सिर्फ सोशल मीडिया ट्रेंड है, राजनीतिक व्यंग्य है या फिर पार्टी के भीतर किसी बड़े असंतोष का संकेत।
इस बयान के सामने आते ही भाजपा ने भी इनेलो पर निशाना साधना शुरू कर दिया। भाजपा प्रदेश मीडिया प्रभारी अरविंद सैनी ने इनेलो नेतृत्व से जवाब मांगते हुए कहा कि अगर पार्टी का विधायक खुद को किसी दूसरी राजनीतिक पहचान से जोड़ रहा है, तो जनता को सच्चाई बताई जानी चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या अब इनेलो का एक विधायक कम हो गया है या फिर यह केवल सोशल मीडिया पर सुर्खियां बटोरने का तरीका है।
अरविंद सैनी ने कहा कि अगर यह केवल मजाक नहीं है, तो अभय सिंह चौटाला को स्पष्ट करना चाहिए कि पार्टी का आधिकारिक रुख क्या है। भाजपा ने इसे गंभीर राजनीति से भटकाने वाला कदम बताते हुए कहा कि जनता विकास, रोजगार और मूलभूत मुद्दों पर राजनीति चाहती है, न कि ऐसे विवादों पर।
फिलहाल “काकरोच जनता पार्टी” वाला बयान हरियाणा की राजनीति में चर्चा का सबसे बड़ा विषय बना हुआ है और अब सभी की नजर इनेलो नेतृत्व की अगली प्रतिक्रिया पर टिकी हुई है।
