सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद हरियाणा में शामलात जमीन को लेकर सरकार की कार्रवाई के विरोध में शनिवार को अंबाला के साहा मंडी में भाकियू राष्ट्रीय अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी की अगुवाई में हुई बैठक में भारतीय किसान यूनियन (चढूनी ग्रुप) ने मोर्चा खोलते हुए बड़ा आंदोलन लड़ने का ऐलान कर दिया है।
गुरनाम सिंह चढूनी ने किसान आंदोलन की तर्ज पर 25 अगस्त को कुरुक्षेत्र के पिपली में प्रदेश स्तरीय रैली करने का ऐलान किया है। यहां रैली के दौरान किसान बड़ा आंदोलन शुरू करने के बारे में फैसला लेंगे। हालांकि 25 जुलाई को प्रदेशभर की सभी तहसीलों पर प्रदर्शन कर तहसीलदारों के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपे जाएंगे।
बैठक के दौरान जहां कब्जा लेने पहुंच रही प्रशासन की टीम का विरोध करने का निर्णय लिया गया। वहीं, MLA, मंत्रियों का घेराव करने का ऐलान कर दिया है। यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी ने कहा है कि जब तक सरकार अपने कदम वापस नहीं रखती तब तक किसानों का विरोध जारी रहेगा।
गुरनाम सिंह चढूनी ने किसान आंदोलन की तर्ज पर 25 अगस्त को कुरुक्षेत्र के पिपली में प्रदेश स्तरीय रैली करने का ऐलान किया है। यहां रैली के दौरान किसान बड़ा आंदोलन शुरू करने के बारे में फैसला लेंगे। हालांकि 25 जुलाई को प्रदेशभर की सभी तहसीलों पर प्रदर्शन कर तहसीलदारों के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपे जाएंगे।
बैठक के दौरान जहां कब्जा लेने पहुंच रही प्रशासन की टीम का विरोध करने का निर्णय लिया गया। वहीं, MLA, मंत्रियों का घेराव करने का ऐलान कर दिया है। यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी ने कहा है कि जब तक सरकार अपने कदम वापस नहीं रखती तब तक किसानों का विरोध जारी रहेगा।
राष्ट्रीय अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी ने कहा कि सरकार की मंशा साफ है। वह जबरदस्ती कब्जा लेकर जमीन को पूंजीपतियों को बेचेगी। वे कंपनियां खेती करेंगी और छोटा किसान बर्बाद हो जाएगा। वे इसका पुरजोर विरोध करेंगे। 25 जुलाई को प्रदेश की सभी तहसीलों में एक घंटा प्रदर्शन करके सीएम के नाम ज्ञापन दिया जाएगा। अगर फिर भी सरकार अपना फैसला वापस नहीं लेती तो किसान आंदोलन की तर्ज पर बड़ा आंदोलन शुरू किया जाएगा।
साहा मंडी में बैठक होने के बाद दोपहर 2 बजे पंचकूला के बरवाला में किसानों की अहम बैठक होगी, जिसमें BKU चढूनी ग्रुप के राष्ट्रीय अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी विशेष रूप से शिरकत करेंगे। बैठक में जिलेभर के किसान समेत यूनियन के पदाधिकारी भी विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे।
बताया गया कि हरियाणा में करीब 2 लाख एकड़ जमीन शामलाती है। सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के बाद सरकार ने शामलाती भूमि को सरकारी भूमि बनाने व पुराने इंतकाल को खत्म करके कब्जे लेने का आदेश जारी कर कब्जा लेने के लिए पत्र जारी किया है। सरकार ने कई जिलों में कार्रवाई भी शुरू कर दी है।
