उत्तराखंड के ऋषिकेश के एक रेजॉर्ट की रिसेप्शनिस्ट अंकिता भंडारी की हत्या के केस में परिजन ने रविवार को अंतिम पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट सामने रखने की मांग की। परिजन ने पहले अंकिता का अंतिम संस्कार करने से इनकार किया, बाद में सीएम पुष्कर सिंह धामी का फोन आने के बाद वे राजी हुए। श्रीनगर के एनआईटी घाट पर अंकिता के भाई ने अंकिता को मुखाग्नि दी। अंतिम संस्कार के लिए अलकनंदा के घाट पर भारी पुलिस फोर्स तैनात की गई थी।
वहीं, गुस्साए लोगों ने प्रदर्शन कर रविवार को ऋषिकेश-बद्रीनाथ नैशनल हाईवे जाम कर दिया। शुरुआती पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में डूबने से मौत की बात कही गई है। ड्राफ्ट रिपोर्ट में अंकिता के शरीर पर मौत होने से पहले चोटों के निशान भी मिले हैं। अंकिता के पिता वीरेंद्र सिंह भंडारी ने कहा कि प्रशासन ने जल्दबाजी में रेजॉर्ट में अंकिता का कमरा तोड़ दिया, इससे सबूत भी मिट गए। हालांकि पुलिस ने कहा कि सबूत पहले ही जुटा लिए गए थे।
बताया जा रहा है कि अंकिता की फाइनल पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट सोमवार तक आएगी। पीएम रिपोर्ट में अंकिता के शरीर पर गंभीर चोटों के निशान मिलने पर जांच के लिए बिसरा भी सुरक्षित रखा गया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अंकिता के पिता से फोन पर बातचीत की। उन्हें सरकार की ओर से कार्रवाई का भरोसा दिलाया। धामी ने कहा कि अंकिता के आरोपियों को सजा दिलाने के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट का गठन होगा। उन्होंने पीड़ित परिवार को सरकार की ओर से हर संभव सहायता देने की भी बात कही। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस जघन्य अपराध में जो भी लिप्त होगा, उसे सख्त से सख्त सजा दी जाएगी।
अंकिता के शव को ले जाने की आशंका पर लोग मोर्चेरी के आगे लेट गए। इस दौरान लोगों की पुलिस से झड़प भी हो गई। पुलिस लोगों को समझाने का प्रयास करती रही, लेकिन भीड़ जिद पर अड़ी रही। आखिरकार अंकिता के पिता की अपील करने के बाद आक्रोशित लोगों का गुस्सा शांत हुआ। अंकिता के अंतिम संस्कार के लिए सभी तैयार हो गए हैं। एनआईटी घाट पर अंकिता के भाई ने मुखाग्नि दी। वहीं दूसरी ओर सीएम पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक में होगी।
अंकिता हत्याकांड को लेकर लोगों में उबाल बना हुआ है। विभिन्न संगठनों के लोग सुबह बदरीनाथ हाईवे पर धरने पर बैठ गए। वहीं, बदरीनाथ विधायक राजेंद्र भंडारी ने प्रदेश सरकार पर सवाल किए खड़े। उन्होंने कहा कि पौड़ी जिले से भाजपा विधायक गायब हैं। दो कैबिनेट मंत्री और स्पीकर हैं, लेकिन कोई भी लोगों से वार्ता करने नहीं पहुंचे। इस दौरान अंकिता के पिता भी धरनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने लोगों से जाम खोलने की अपील की। लेकिन लोग जाम खोलने को तैयार नहीं है। वहीं, लोगो ने पुलिस पर परिजनों पर दबाव डालने का आरोप लगाया। उधर, रुद्रप्रयाग के खांकरा से भी लोगों ने हाइवे पर जाम लगा दिया।
वनंत्रा रिजॉर्ट में जेसीबी चलाकर आगे के कमरे को तोड़ दिया गया। इसी कमरे में अंकिता रहती थी। जांच के लिए पुलिस ने इस कमरे का सील किया था। लेकिन वाहवाही लूटने के चक्कर में कमरे को तोड़ कर सारे सबूत नष्ट कर दिए गए। शुक्रवार रात को वनंत्रा रिजॉर्ट पर जेेसीबी चला दी गई। अभी पुलिस मामले की जांच कर रही है। ऐसे में रिजॉर्ट और अंकिता के कमरे से पुलिस ने फोरेंसिक नमूने एकत्र कर सील कर दिया था। मृतक और अपराधी जिस स्थान पर अंतिम बार दिखाई दिए, वहां फोरेंसिक और मैटेरियल साक्ष्य मिलने की प्रबल संभावना होती है।
यही कारण था कि प्रशासन ने रिजॉर्ट को सील करने के आदेश दिए थे। लेकिन रिजॉर्ट को जेसीबी से तोड़ दिया। जेसीबी ने पहला कमरा वह तोड़ा, जिसमें अंकिता रहती थी। अब पूरा कमरा खुला पड़ा है, सारा सामान जमीन पर बिखरा है और कमरा मलबे से भरा पड़ा है। ऐसे में अब पुलिस के लिए मौके से साक्ष्य एकत्र करना आसान नहीं है। ऐसे में नियमानुसार साक्ष्य के साथ छेड़छाड़ करना एक अपराध है। हालांकि प्रशासन मामले की जांच कर रहा है। एएसपी शेखर सुयाल ने बताया कि प्रशासन की जांच के बाद आरोपी के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
वनंत्रा रिजॉर्ट का आगे का ढांचा तोड़ने के बाद जेसीबी को रुक गया। उसके बाद सुबह जेसीबी रिजॉर्ट के बाहर खड़ी रही। लेकिन रिजॉर्ट के बाकी बचे हिस्से को नहीं तोड़ा। इसके बाद जेसीबी चली गई। स्थानीय लोगों का आरोप है कि जेसीबी से रिजॉर्ट गिराकर साक्ष्य मिटाने का प्रयास किया है।

