हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज ने अपने X (पूर्व ट्विटर) अकाउंट पर नाम के आगे से मिनिस्टर शब्द हटाने पर चुप्पी तोड़ी है। उन्होंने कहा कि मैं नहीं चाहता कि कोई पद की वजह से मेरे साथ जुड़े। अगर कोई मेरा फालोअर्स बनना चाहता है तो अनिल विज की वजह से बने।
अनिल विज ने सरकार से किसी तरह की नाराजगी से भी इनकार किया। हालांकि कुछ दिन पहले अंबाला कैंट में पैरलल भाजपा चलाने वालों के बारे में उन्होंने फिर कोई जवाब नहीं दिया। अनिल विज के इस कदम से संकेत मिल रहे हैं कि अब वे पद के बजाय व्यक्तिगत तौर पर खुद को अंबाला कैंट में मजबूत रखने की कोशिश कर रहे हैं।
सूत्रों के मुताबिक, पिछले कुछ समय से विज की सरकार से नाराजगी बढ़ी है। इसकी ताजा वजह भाजपा के पूर्व कोषाध्यक्ष आशीष तायल की सीएम नायब सैनी से मुलाकात मानी जा रही है। 11 सितंबर को आशीष तायल अंबाला कैंट के इंडस्ट्रियल एरिया के उद्योगपतियों के प्रतिनिधिमंडल को लेकर चंडीगढ़ में सीएम नायब सैनी से मिले थे। तायल ने मुलाकात के फोटो भी सोशल मीडिया पर शेयर किए थे
तायल वही पूर्व भाजपाई हैं, जिनकी विज ने सीएम नायब सैनी के साथ फोटो सोशल मीडिया पर शेयर कर गद्दार का ठप्पा लगाया था। इस ताजा विवाद पर आशीष तायल ने कहा था- मैं तो सिर्फ एक उद्योगपतियों के डेलीगेशन के साथ सीएम से मुलाकात करने चंडीगढ़ गया था। अंबाला छावनी के इंडस्ट्रियल एरिया में पानी की निकासी और आगे पानी न आए, इसे लेकर हमने सीएम को ज्ञापन दिया है। मुझे इस बारे में जानकारी नहीं कि विज की पोस्ट का इशारा किसकी ओर है।
