गृहमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज शुक्रवार को जिला लोक संपर्क एवं परिवेदना समिति की बैठक में फरियादियों की शिकायत पर पुलिस और जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की। एफआइआर दर्ज करने में देरी करने पर जहां सुखपुरा पुलिस चौकी के समस्त स्टाफ को निलंबित कर दिया।
हालांकि बैठक खत्म होने के बाद कैनाल रेस्ट हाउस में मामले की पूरी जानकारी लेने के बाद विज ने अपने फैसले को पलटते हुए जांच के आदेश दिए। उधर, एक अन्य मामले में शिकायत पर संज्ञान लेते हुए दो पुलिस कर्मियों को निलंबित करने के आदेश दे दिए। साथ ही एक शिकायतकर्ता को समाधान करवाने पर दबाव बनाने के मामले में जनस्वास्थ्य विभाग के एक जेई पर भी गाज गिर गई है। गृहमंत्री विज ने जिला विकास भवन के सभागार में बैठक की अध्यक्षता की।
परिवादी अधिवक्ता उमेश कुमार ने गृहमंत्री विज के समक्ष अपनी फरियाद रखते हुए बताया कि उसने तीन मई को सुखपुरा चौकी में शिकायत दी थी कि पड़ोसी ने चाकू निकाल कर उसका पीछा किया। इस मामले में पुलिस ने तुरंत कार्रवाई नहीं। शिकायत की कापी अगले दिन दी। वहीं अधिवक्ता ने आरोप लगाया कि जब वह चौकी में रात के समय शिकायत देने के लिए गया तो वहां पर स्टाफ शराब के नशे में था।
गृहमंत्री ने फरियाद सुनने के बाद मामले की जांच स्टेट क्राइम ब्रांच से करवाने के निर्देश देते चौकी के पूरे स्टाफ को ही निलंबित करने के आदेश जारी कर दिए। सांसद अरविंद शर्मा ने अनुरोध किया था कि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही निलंबन का फैसला लिया जाना चाहिए। लेकिन गृहमंत्री अनिल विज ने स्पष्ट कहा कि निलंबन मामले में गलत कार्रवाई के लिए नहीं बल्कि शिकायत पर कार्रवाई में देरी करने पर की गई है। वहीं, एक अन्य मामले में रात के समय युवती के घर नोटिस देने पहुंचे दो पुलिसकर्मियों को भी निलंबित करने के आदेश दिए हैं।
खरावड़ निवासी अमित कुमार ने बताया कि उनकी गली में पाइप लाइन टूटी हुई है। जब उसने शिकायत जिला लोक संपर्क व परिवेदना समिति में दर्ज करवाई तो जेई विनय दलाल उनके घर पहुंच गया। जेई ने उनसे कहा कि वे एक लेटर पर साइन कर दें, जिसमें लिखा था कि उसकी समस्या का समाधान हो गया है। यह बात सुनते ही गृहमंत्री अनिल विज गुस्से में आ गए और जेई को निलंबित करने के आदेश संबंधित विभाग के अधिकारियों को दिए। साथ ही, किसी अधिकारी ने भविष्य में ऐसा करने की जरूरत की तो उसका अंजाम सही नहीं होगा।
गृहमंत्री अनिल विज ने एक शिकायत के आधार पर सुखपुरा चौकी के स्टाफ को निलंबित करने के आदेश दिए थे। लेकिन बाद में स्थिति के बारे में अवगत कराया गया। उसके बाद निलंबन के आदेश गृहमंत्री ने विभाग को जांच करने तक होल्ड रखने के निर्देश दिए हैं। इस मामले में विभागीय जांच की जाएगी। जांच के बाद ही आगामी कार्रवाई होगी।
उदय चंद मीना, एसपी, रोहतक।
