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सस्ता लैपटॉप लाने से नाराज पत्नी ने 2 बच्चों समेत ट्रेन के आगे कूदकर दे दी जान

हिसार के सूर्य नगर के पास एक ही परिवार के तीन सदस्यों ने ट्रेन के आगे आकर सुसाइड कर लिया। मृतकों की पहचान ममता रानी पत्नी सोमबीर, 15 वर्षीय हार्दिक और 13 वर्षीय अनुष्का निवासी राजेंद्र एनक्लेव के रुप में हुई है। मृतक मां, बेटी और बेटा है।

जीआरपी पुलिस शवों की शिनाख्त करते हुए

जीआरपी एसएचओ नरेश ने बताया कि मृतका के पति सोमबीर वीएलडीए चिकित्सक है। सोमबीर के बयान अनुसार शनिवार को वह लैपटॉप लेकर आया। परंतु उसके बच्चे महंगा लैपटाप लेकर आने की डिमांड कर रहे थे। जबकि वह थोड़ा सस्ता लैपटॉप करीब 30 हजार रुपये का लेकर आया। इसी बात को लेकर घर में पत्नी और बच्चों के साथ झगड़ा हो गया। सोमवीर ने कुछ दिन पहले ही बेटी अनुष्का की पंसद की कार बुक करवाई थी। बेटा हार्दिक जो भी डिमांड करता उसे भी पूरा कर रहा था। मगर छोटी सी तकरार से पूरा परिवार बिखर गया। सस्ता लैपटॉप लाने से खफा पत्नी ममता ने 2 बच्चों संग ट्रेन के आगे कूदकर जान दे दी।

शाम को खाना बनाने के बाद नाराज पत्नी ममता रानी दोनों बच्चों को लेकर विद्युत नगर में अपने भाई के पास रहने की बात कहकर चली गई। जबकि वह घर पर ही रात को सो गया। सुबह जब उठा तो सोशल मीडिया पर सूचना मिलने पर उसे थोड़ा शक हुआ। इस पर वह सूर्या नगर चौकी पहुंचा तो पुलिस ने उसे जीआरपी थाने में भेजा। इसके बाद उसने शव की शिनाख्त की। उसके साथ उसका साला भी था। शव के पास से कोई सुसाइड नोट नहीं बरामद किया। एसएचओ नरेश ने बताया कि मृतका के परिजनों के बयान के आधार पर धारा 174 की इत्तफाकिया कार्रवाई की है। शव का अग्रोहा मेडिकल कॉलेज में पोस्टमार्टम करवाया जा रहा है।

दर्दनाक हादसे से सोमवीर सदमे में हैं। सोमवीर की बेटी और बेटा पढ़ाई में होनहार के साथ साथ खेल में भी बेहतर प्रदर्शन कर रहे थे। अनुष्का जूनियर नेशनल एथलेटिक की तैयारी कर रही थी। डेढ़ साल पहले दोनों ने एक साथ प्रैक्टिस शुरू की। अनुष्का दो बार जिला स्तरीय एथलेटिक प्रतियोगिता के शॉटपुट इवेंट में स्वर्ण पदक जीत चुकी थी। अनुष्का का वर्ष 2021 में इंटर डिस्ट्रिक नेशनल चैंपियनशिप के लिए चयन भी हुआ था। मगर कोरोना के कारण चैंपियनशिप रद्द हो गई थी। अब वह नवंबर में होने वाली जूनियर नेशनल चैंपियनशिप की तैयारी कर रही थी। इससे पहले अगस्त में वह स्टेट चैंपियनशिप के लिए ट्रायल देती। किसी को क्या पता था कि अब बहन-भाई खेल मैदान से सदा के लिए दूर हो जाएंगे।

अनुष्का शॉटपुट खेलती थी वहीं भाई हार्दिक 400 मीटर दौड़ और डिस्कस थ्रो की तैयारी कर रहा था। हालांकि उसने अभी तक दोनों में से किसी एक इवेंट को फाइनल नहीं किया था। हार्दिक ने अभी तक एक भी चैंपियनशिप नहीं खेली थी। हार्दिक की पढ़ाई में रुचि होने के साथ-साथ उसे काफी नॉलेज थी। वह ग्राउंड में बच्चों के साथ काफी हंसमुख रहता था। दोनों रोजाना सुबह-शाम चार से पांच घंटे मैदान में अभ्यास करते थे। दोनों अलग-अलग साइकिल पर आते थे। शनिवार को दोनों बहन-भाई ने वालीबाल मैच भी खेला। मैच खेलकर रात को 9 बजे ग्राउंड से वह घर चले गए। मगर रात को मां, बेटा और बेटी ने ट्रेन के आगे कूदकर आत्महत्या कर ली। खास बात यह है कि दोनों बहन-भाई का खेल नर्सरी में भी चयन हो गया था।

सूर्य नगर रेलवे फाटक के नजदीक देर रात 12.50 पर ममता ने अपने दो बच्चों के साथ जयपुर जाने वाली रेलगाड़ी के सामने कूदकर आत्महत्या कर ली। घटना का पता चलने पर करीब पौने दो बजे राजकीय रेलवे पुलिस मौके पर पहुंची। रात भर शव रेलवे पटरी किनारे पड़े रहे। सुबह एंबुलेंस के जरिए शवों को नागरिक अस्पताल लाया गया। उस समय तक शवों की शिनाख्त नहीं हुई थी। चिकित्सक ने शवों को मेडिकल कॉलेज अग्रोहा रेफर कर दिया क्योंकि शवों को रखने के लिए डी फ्रिज की व्यवस्था नहीं थी।

रेलवे पुलिस के सब इंस्पेक्टर अनिरुद्ध ने बताया कि रविवार अल सुबह डेढ़ बजे हिसार से जयपुर की ट्रेन चलती है। जब ट्रेन हिसार से चली तो तीनों उसके आगे आ गए। तीनों के ट्रेन के आगे आने की सूचना ड्राइवर ने गार्ड को दी। इसके बाद गार्ड मौके पर आया और उसने हमें जानकारी दी। शवों को रेलवे लाइन से हटाकर साइड पर किया गया। घटना के बाद करीब 35 मिनट तक जयपुर जाने वाली रेलगाड़ी रुकी रही।

सिविल अस्पताल में फ्रीजर खराब होने की बात कहकर शवों का पोस्टमार्टम अग्रोहा में किया जा रहा है। जीआरपी कर्मचारी तीनों शवों को लेकर सिविल अस्पताल में पहुंचे। परंतु चिकित्सकों ने शवों का पोस्टमार्टम करने से मना कर दिया। चिकित्सकों ने कहा कि फ्रीजर भी खराब है, इसलिए शवों को रखा नहीं जा सकता। अग्रोहा मेडिकल कॉलेज में करवाए। इसके बाद जीआरपी कर्मचारी तीनों शवों को लेकर अग्रोहा मेडिकल कॉलेज लेकर गए। शाम को वहां पर ही पोस्टमार्टम करवाया गया

रेलवे दुर्घटना के तीन शवों को पोस्टमार्टम के लिए नागरिक अस्पताल लाया गया। उस समय तक शवों की शिनाख्त नहीं हो पाई थी। शवगृह में एक डी फ्रिज है और उसमें दो शव रखे जा सकते हैं। ऐसे में शवों को मेडिकल कॉलेज अग्रोहा रेफर किया था। -चिकित्सक सुरेश

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