इस आशय का फैसला प्रभात भवन में हुई दी ट्रांसपोर्ट वर्कर्स यूनियन (1853) सम्बद्ध सीआईटीयू व आल इंडिया रोड ट्रांसपोर्ट वर्कर्स फेडरेशन की राज्य कमेटी बैठक में लिया गया। राज्य प्रधान सरबत पूनिया व महासचिव सतीश सेठी ने कहा कि केंद्र की मोदी सरकार ने नववर्ष 2024 में विपक्ष के 146 सांसदों को ससपेंड कर बिना किसी चर्चा के संसद में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) पास करवाई थी। इसमें वाहन चालकों व ड्राइवर्स के लिए पहले वाले कानून की धारा 304(ए) को दो धाराओं 106(1) व 106(2) में बांटकर सजा व जुर्माना दोनो को बढा दिया गया है। सरकार ने 106 (1) को लागू कर दिया है जिसमे 5 साल की सजा व जुर्माने का प्रावधान है जबकि इससे पहले वाले कानून में यह अधिकतम 2 साल हुआ करती थी। आंदोलन के दवाब में धारा 106 (2) पर जिसमे 10 साल की सजा व जुर्माने का प्रावधान है पर फिलहाल रोक लगाई है। प्रधान व महासचिव ने कहा कि यदि सरकार की नीयत ठीक होती तो वह बजट सत्र में कानून में संशोधन लेकर आती। परंतु उसने ऐसा नही किया। इसलिए लोकसभा चुनावों में भाजपा को सबक सिखाना जरूरी है।
बैठक को सम्बोधित करते हुए सीटू महासचिव जय भगवान ने कहा कि सरकार द्वारा पारित बीएनएस में केवल टाईटल में ही न्याय शब्द लिखा है बाकी तो देश की जनता के खिलाफ पुलिस को ही ज्यादा अधिकार दिए गए है। असल मे भाजपा डंडे की ताकत पर राज चलाना चाहती है। मोदी के दस साल के कार्यकाल में जंहा मजदूर, किसान व मेहनतकश जनता की रोजी रोटी पर जबरदस्त हमले हुए है वंही कार्पोरेट्स घरानों को मालामाल किया गया है। इस कारण बेरोजगारी व महंगाई ने पिछले सभी रिकार्ड तोड़ दिए है। इलेक्ट्रोल बांड से भाजपा ने जमकर लूट मचाई गई है। ऊपर से विरोध की आवाज को सुनने की बजाए दमन से दबाया गया है। यह देश के संविधान व लोकतंत्र पर हमला है। इसलिए एकजुट होकर भाजपा को सत्ता से बाहर करना होगा।
बैठक में जसबीर सिंह , स.जोगिंद्र सिंह, प्रदीप शर्मा, रफी मोहम्मद, मुनीर, सदीक मोहम्मद, धर्मवीर दलाल, राम मेहर व आजाद सिंह पंचाल ने भी विचार रखे।
