डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम को 20 दिन की पैरोल मिली है और वह जेल से बाहर भी आ गया है. इससे पहले पैरोल पर रिहाई के लिए राम रहीम की ओर से राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी को आवेदन दिया गया था. आवेदन में बताया गया था कि 5 अक्टूबर को डेरा सच्चा सौदा प्रमुख के पिता मग्गर सिंह की पुण्य तिथि है. अर्जी में इसके अलावा भी कुछ और वजहें गिनाई गई थीं.
गुरमीत राम रहीम की अर्जी ऐसे समय में दी गई, जब राज्य में चुनाव होने वाले हैं. चुनाव के दौरान जेल में बंद किसी कैदी की रिहाई के लिए राज्य मुख्य निर्वाचन अधिकारी की इजाजत चाहिए होती है. ऐसा पहली बार नहीं है जब राम रहीम को ऐन चुनाव के वक्त पैरोल मिली हो, इसके पहले भी लोकतंत्र के महापर्व के दौरान राम रहीम को फरलो या फिर पैरोल दी गई थी.
गुरमीत राम रहीम की अर्जी ऐसे समय में दी गई, जब राज्य में चुनाव होने वाले हैं. चुनाव के दौरान जेल में बंद किसी कैदी की रिहाई के लिए राज्य मुख्य निर्वाचन अधिकारी की इजाजत चाहिए होती है. ऐसा पहली बार नहीं है जब राम रहीम को ऐन चुनाव के वक्त पैरोल मिली हो, इसके पहले भी लोकतंत्र के महापर्व के दौरान राम रहीम को फरलो या फिर पैरोल दी गई थी.
राम रहीम ने सामान्य प्रक्रिया के तहत सुनारिया जेल प्रशासन को पैरोल के लिए आवेदन किया था। इसके बाद सोमवार की रात निर्वाचन आयोग ने सशर्त राम रहीम को पैरोल दिए जाने के लिए अपनी सहमति देते हुए कहा था कि यह निर्णय लेना सरकार के अधिकार क्षेत्र में आता है।
आयोग द्वारा कहा गया था कि पैरोल की अवधि के दौरान राम रहीम किसी प्रकार के राजनीतिक कार्यक्रम में भाग नहीं लेगा। डेरामुखी हरियाणा में नहीं आएगा और इंटरनेट मीडिया पर किसी तरह का राजनीतिक बयान नहीं देगा।
हरियाणा चुनाव के बीच डेरा सच्चा सौदा मुखी राम रहीम बुधवार सुबह 6 बजे जेल से बाहर आ गया। राम रहीम की 3 शर्तों के साथ 20 दिन की पैरोल मिली है। जिसमें पॉलिटिकल एक्टिविटी न करना भी शामिल है।
निर्वाचन विभाग के नोडल अधिकारी मनीष कुमार लोहान का कहना है कि डेरा मुखी को कानूनन पैरोल का अधिकार है। इसलिए निर्वाचन विभाग ने डेरा मुखी को सशर्त पैरोल की मंजूरी दी है। पैरोल के दौरान डेरामुखी को हरियाणा मेें कहीं भी जाने की इजाजत नहीं दी जाएगी।
राम रहीम ने सामान्य प्रक्रिया के तहत सुनारिया जेल प्रशासन को पैरोल के लिए आवेदन किया था। इसके बाद सोमवार की रात निर्वाचन आयोग ने सशर्त राम रहीम को पैरोल दिए जाने के लिए अपनी सहमति देते हुए कहा था कि यह निर्णय लेना सरकार के अधिकार क्षेत्र में आता है।
आयोग द्वारा कहा गया था कि पैरोल की अवधि के दौरान राम रहीम किसी प्रकार के राजनीतिक कार्यक्रम में भाग नहीं लेगा। डेरामुखी हरियाणा में नहीं आएगा और इंटरनेट मीडिया पर किसी तरह का राजनीतिक बयान नहीं देगा।
गुरमीत राम रहीम कब-कब आया जेल से बाहर
- 24 अक्टूबर 2020 : अस्पताल में भर्ती मां से मिलने के लिए एक दिन की पैरोल
- 21 मई 2021: मां से मिलने के लिए 12 घंटे की पैरोल
- 7 फरवरी 2022: पंजाब में चुनाव था, परिवार से मिलने को 21 दिन की फरलो
- 17 जून 2022: हरियाणा नगर निकाय का चुनाव था, 30 दिन की पैरोल
- 14 अक्टूबर 2022: आदमपुर उपचुनाव, 40 दिन की पैरोल
- 21 जनवरी 2023: हरियाणा में पंचायत चुनाव था, 40 दिन की पैरोल
- 20 जुलाई 2023: हरियाणा पंचायत उपचुनाव, 30 दिन की पैरोल
- 21 नवंबर 2023: राजस्थान चुनाव, 21 दिन की फरलो
- 19 जनवरी 2024: लोकसभा चुनाव से ठीक पहले 50 दिनों के लिए पैरोल
- 13 अगस्त 2024: हरियाणा विधानसभा चुनाव, 21 दिन की फरलो
