रोहतक में सिटी पुलिस थाने में व्यक्ति के साथ पुलिस वालों द्वारा मारपीट का मामला सामने आया है। जिसमें घायल को PGI में भर्ती करवाया गया है। वहीं पीड़ित का आरोप है कि पुलिस वालों ने पैसों के लिए उसे बेरहमी से पीटा है। पुलिस की प्रताड़ना के कारण वह बेहोश तक हो गया।
फिलहाल घायल रोहतक की सैनिक कॉलोनी निवासी सुरेंद्र का उपचार चल रहा है। झगड़े की शुरुआत उस समय हुई जब सुरेंद्र अपने चाचा की मौत के गम मे छोटे चाचा के गले लगकर रोने लगा। इस पर छोटे चाचा ने इसे नौटंकी बताया और झगड़ा करना शुरू कर दिया। इसको लेकर हुए झगड़े में डायल 112 की गाड़ी सुरेंद्र को पुलिस थाने लाई थी।
रोहतक के हिसार रोड स्थित सैनिक कॉलोनी निवासी सुरेंद्र ने बताया कि उसके चाचा के साथ 11 नवंबर की रात को उसका झगड़ा हो गया था। उसने आरोप लगाया कि उसके चाचा ने अपनी बहन, पत्नी व एक ड्राइवर को बुलाकर उसके साथ मारपीट की। वह झगड़े में बचने के लिए अपने पिता राजेंद्र के पास गए। उसके पिता ने उसे बचाया।
उन्होंने आरोप लगाया कि उसके चाचा व अन्य लोग भी उसके पीछे-पीछे पहुंच गए। वहां पर भी आरोपियों ने उसके साथ मारपीट की। इसी दौरान डायल 112 की गाड़ी वहां पर पहुंच गई। पुलिस की गाड़ी से सिविल ड्रेस में मौजूद एक मुलाजिम ने आते ही थप्पड़ मारा। थप्पड़ मारने के बाद पीछे मुड़कर देखा तो पाया कि वह पुलिस वाला था।
घायल सुरेंद्र ने आरोप लगाया कि पुलिस वाले उसे PCR में डालकर सिटी पुलिस थाने में लेकर गए। वहां जाने के बाद पुलिस वालों ने उसे बेरहमी से पीटा। सुरेंद्र ने आरोप लगाया कि उसके साथ मारपीट इसलिए की गई क्योंकि पुलिस वालों ने पैसे ले रखे थे। उसने थाने में पुलिस वाले को ऐसा कहते हुए भी सुना था।
सुरेंद्र की पत्नी रीना ने बताया कि सुरेंद्र के एक चाचा की चार-पांच दिन पहले मौत हो गई थी। जिसका बाद सुरेंद्र दुख माने हुए था। जिसके कारण उसने अपने छोटे चाचा को बुला लिया और गम के कारण गले लगकर रोने लगा। जिसके बाद छोटे चाचा ने कहा कि यह नोटंकी मत कर। इसके बाद कहासुनी हो गई। वहीं बाहर जाकर झगड़ा हुआ।
कार्यकारी थाना प्रभारी सुरेश कुमार ने कहा कि अभी सुरेंद्र का आपस में परिवार के लोगों के साथ ही झगड़ा हो गया था। जिसके कारण डायल 112 की टीम लेकर आई थी। जिसे खुद पुलिस ने ही अस्पताल में भर्ती करवाया। हालांकि एसएचओ के संज्ञान में मामला है और उन्होंने डायल 112 की टीम को भी बुलाया था।

