छात्र संगठन आल इंडिया डेमोक्रेटिक स्टूडेंट्स ऑर्गेनाइजेशन (एआईडीएसओ) ने विवेकानंद सेंट्रल लाइब्रेरी पार्क, एमडीयू में शहीद-ए-आजम भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव का शहीदी दिवस पर छात्र सभा आयोजित की और उनकी फ़ोटो पर छात्रों ने पुष्प अर्पित करके श्रद्धांजलि दी। सभा का संचालन एआईडीएसओ के प्रदेश उपाध्यक्ष एच एस राजेश ने किया। मुख्य वक्ता एआईडीएसओ के प्रदेश सचिव उमेश मौर्य रहे। मनीषा ने क्रांतिकारी गीत प्रस्तुत किया।

एआईडीएसओ के प्रदेश सचिव उमेश मौर्य ने कहा कि शहीद भगत सिंह आज भी देश के छात्रों व नौजवानों के प्रेरणा स्रोत है। उन्होंने कहा कि आजादी आंदोलन के क्रांतिकारियों का सपना था कि सबको निःशुल्क, एकसमान वैज्ञानिक, धर्मनिरपेक्ष व जनवादी शिक्षा मिले। लेकिन आजादी के 75 साल बाद भी आज शिक्षा आम व गरीब छात्रों की पहुँच से कोसों दूर है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 लाकर शिक्षा का निजीकरण, व्यापारीकरण व सांप्रदायिकरण किया जा रहा है। शिक्षण संस्थाओं में शिक्षकों की भारी कमी है। वैज्ञानिक व धर्मनिरपेक्ष चिंतन को बढ़ावा देने की बजाय अवैज्ञानिक, अतार्किक व अन्धविश्वास को बढ़ावा दिया जा रहा है। महिलाओं के ऊपर अत्याचार बढ़ रहे हैं। सरकार नौजवानों को रोजगार नहीं दे रही है।

छात्र नेता उमेश मौर्य ने कहा कि हम छात्रों को शहीद भगत सिंह की तीसरी पीढ़ी का रिस्तेदार बनना है। हम उनके दिखाए रास्ते पर चलकर शोषणविहीन समाज बनाएंगे। आज देश का शासक पूंजीपति वर्ग भगत सिंह, राजगुरु व सुखदेव सहित सभी क्रांतिकारियों और नवजागरण काल के मनीषियों की याद को जनमानस से मिटा देना चाहता है। इसलिए उनकी जीवनियों को पाठ्यक्रम से हटाया जा रहा है। हमारी सरकारें छात्रों नौजवानों को खुदगर्ज बना रही है।

एआईडीएसओ के प्रदेश उपाध्यक्ष एच एस राजेश ने कहा कि शराब व नशाखोरी को बढ़ावा दिया जा रहा है। नौजवानों की नैतिक रीढ़ को तोड़ा जा रहा है, ताकि लोग अन्याय और शोषण के खिलाफ हिम्मत और नैतिक बल के साथ न उठ खड़े हो। भगत सिंह ने हमें रास्ता दिखाया था कि इन तमाम समस्याओं की जड़ यह शोषण मूलक पूंजीवादी व्यवस्था है। इस को उखाड़कर जब तक समाजवाद स्थापित नहीं होगा तब तक शोषण चलता रहेगा।

शिव कुमार ने कहा कि भगत सिंह ने कहा था- ” इंकलाब जिंदाबाद से हमारा वह उद्देश्य नहीं जो आमतौर पर गलत अर्थों में समझा जाता है। बम और पिस्तौल कभी इंकलाब नहीं लाती बल्कि इंकलाब की तलवार विचारों की शान पर तेज होती है और हमारा इंकलाब का उद्देश्य इंसान का इंसान के द्वारा शोषण का खात्मा करना है।”
  
एआईडीएसओ सभी छात्रों से अपील करता है कि शहीदों क्रांतिकारियों के जीवन संघर्ष को पढ़े, जाने, विचार विमर्श करें और फिर उनके दिखाए रास्ते पर चलने का सकल्प लें। भगत सिंह के विचारों को गांव शहर एवं छात्र नौजवानों में फैला दें।

एच एस राजेश, शिव कुमार और सर्वेश मिश्रा ने भी अपनी बात रखी। मनीषा, अजीत, उमेश, अमन, हरीश, परवीन, राकेश, अमरदीप अश्विनी व अन्य छात्र उपस्थित रहे।

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