हरियाणा में एनएचएम कर्मचारियों ने सेवा नियम में अनावश्यक छेड़छाड़ और फिक्स बेसिक सैलरी के आदेश को लेकर विरोध किया।कर्मचारियों ने 30 जून व 1 जुलाई को होने वाली हड़ताल को लेकर सीएमओ को ज्ञापन सौंपा। एनएचएम कर्मचारी संघ के जिला प्रधान रेनू कंबोज, महासचिव जसविंद्र नांदल व राज्य संगठन संरक्षक डा. अश्वनी चहल ने कहा कि यदि यह आदेश निरस्त नहीं होते हैं तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि सेवा नियम में अनावश्यक छेड़छाड़ और फिक्स बैसिक सैलरी के विरोध में 24 जून को सभी जिलों में वित्त विभाग के उक्त आदेश की प्रतियां जलाकर विरोध किया गया था। वहीं 26 जून को रोहतक में राज्य कार्यकारिणी की बैठक में सरकार व अधिकारियों द्वारा एनएचएम कर्मचारियों की मांगों की अनदेखी के चलते सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि सोमवार को सभी जिलों से सिविल सर्जन के मार्फत मिशन निदेशक को ज्ञापन भेजा जाएगा।
सभी जिलों के एनएचएम कर्मचारी 2 दिवसीय (30 जून व 1 जुलाई) को हड़ताल पर जाएंगे। जिसमें आपातकालीन सहित सभी स्वास्थ्य सेवाएं बाधित रहेंगी। इस कारण उत्पन्न होने वाली किसी भी समस्या के लिए सरकार व विभाग जिम्मेदार होगा। अगर फिर भी मांगों व समस्याओं पर कार्रवाई नहीं गई तो हड़ताल को अनिश्चितकालीन भी किया जा सकता है।
– सेवा नियम में अनावश्यक छेड़छाड़ बंद हो और फिक्स बैसिक सैलरी के आदेश तुरंत प्रभाव से निरस्त हो।
– मुख्यमंत्री की घोषणा पर कार्रवाई करते हुए सातवां वेतन आयोग का लाभ दिया जाए।
– सभी एनएचएम कर्मचारियों को स्थायी सेवा सुरक्षा प्रदान की जाए।
– सेवा नियम में वेतन विसंगति सहित आवश्यक संशोधन किए जाए।
– एनएचएम कर्मचारियों द्वारा वर्ष 2017, 2018, 2019 में की गई हड़ताल का वेतन अन्य संगठनों की भांति जारी किया जाए
