साइबर अपराधों का दायरा दिन पर दिन बढ़ता जा रहा है और इन शातिर आरोपियों की चुंगल से बचना मुश्किल हो गया है। बैंक खातों से पैसों की हेर फेर से लेकर महिलाओं की न्यूड तस्वीरों तक साइबर अपराधियों के निशाने पर रहते हैं। बीते दिनों बॉलीवुड स्टार अक्षय कुमार ने भी एक किस्सा शेयर किया था। जिसमें उन्होंने बताया था कि उनकी 13 साल की बेटी जब ऑनलाइन गेम खेल रही थी तभी किसी ने उससे न्यूड मांगा था। इस किस्से के बाद साइबर पुलिस ने एक्शन लिया और अब उस आरोपी को भी गिरफ्तार कर लिया है। महाराष्ट्र साइबर के प्रमुख यशस्वी यादव ने खुद इसकी जानकारी दी है।
बता दें एक इवेंट के दौरान कुछ महीने पहले फिल्म अभिनेता अक्षय कुमार ने एक स्पीच के दौरान बताया था कि एक ऑनलाइन गेम खेलते वक्त उनकी बेटी को साइबर बुलिंग ( उससे न्यूड तस्वीरें मांगी गई ) का शिकार होना पड़ा था। इसी मामले में महाराष्ट्र सायबर पुलिस के ADG यशस्वी यादव ने बताया कि घटना को गंभीरता से लेते हुए मामले की जांच शुरू की गई थी और इस मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार भी किया गया है।
अक्षय कुमार की बेटी से पहले भी कई फिल्मी सितारे और यहां तक की कई दिग्गज हीरोइन्स भी साइबर बुलिंग का शिकार हो चुकी है। बीते दिनों रश्मिका मंदाना से लेकर सारा अली खान और यहां तक श्रद्धा कपूर जैसी कई सुपरहिट हीरोइन्स को भी साइबर आरोपी निशाना बना चुके हैं। हालांकि महाराष्ट्र साइबर पुलिस भी इस मामले में पीछे नहीं है और तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार करती है। अक्षय कुमार की बेटी के साथ भी अभद्रता करने वाले आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है।
बॉलीवुड अभिनेता अक्षय कुमार ने आज मुंबई स्थित राज्य पुलिस मुख्यालय में आयोजित साइबर जागरूकता माह 2025 के उद्घाटन समारोह में अपने संबोधन में इस घटना का जिक्र किया। उन्होंने कहा,’मैं आप सभी को कुछ महीने पहले अपने घर में घटी एक छोटी सी घटना के बारे में बताना चाहता हूं। मेरी बेटी वीडियो गेम खेल रही थी, और कुछ वीडियो गेम ऐसे होते हैं जिन्हें आप किसी के साथ खेल सकते हैं। आप एक अनजान व्यक्ति के साथ खेल रहे होते हैं। खेलते-खेलते कभी-कभी वहां से कोई मैसेज आ जाता है, फिर एक मैसेज आया, ‘आप लड़के हैं या लड़की?’ तो उसने जवाब दिया, ‘लड़की।’ फिर उसने एक मैसेज भेजा, ‘क्या आप मुझे अपनी नग्न तस्वीरें भेज सकती हैं?’ यह मेरी बेटी थी। उसने फोन बंद कर दिया और जाकर मेरी पत्नी को बता दिया। यहीं से सब कुछ शुरू होता है। यह भी साइबर अपराध का ही एक हिस्सा है। मैं मुख्यमंत्री से निवेदन करता हूं कि हमारे महाराष्ट्र राज्य में सातवीं, आठवीं, नौवीं और दसवीं कक्षा में हर हफ्ते एक पीरियड ‘साइबर पीरियड’ रखा जाए, जिसमें बच्चों को साइबर अपराध के बारे में समझाया जाए। आप सभी जानते हैं कि यह अपराध गली-मोहल्ले के अपराधों से भी बड़ा होता जा रहा है। इस अपराध को रोकना बहुत जरूरी है।’
