किसान आंदोलन के बीच अब दिल्ली की सीमाओं को खोला जा रहा है। पुलिस ने टीकरी बॉर्डर के बाद अब गाजीपुर बॉर्डर से किसानों के धरना स्थल पर लगे बैरिकेड्स को हटाना शुरू कर दिया है, जिसके बाद बंद पड़ी सड़कों के फिर से खुलने की उम्मीद है, लेकिन बॉर्डर से पुलिस बैरिकेड्स हटते ही भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत ने सरकार को चेतावनी दी है।
राकेश टिकैत ने कहा है कि उनकी लड़ाई कभी रास्ते की नहीं रही है। उनकी लड़ाई तीन कृषि कानूनों को लेकर है। उन्होंने कहा कि रास्ते खुलेंगे, हम भी अपनी फसल बेचने के लिए संसद भवन जाएंगे। हम 11 महीने से बॉर्डर पर बैठे हैं। हमें दिल्ली जाना है। प्रधानमंत्री ने कहा था कि किसान अपनी फसल कहीं भी बेच सकते हैं।
PM had said that farmers can sell crops anywhere. If roads are open, we'll also go to Parliament to sell our crops. First, our tractors will go to Delhi. We haven't blocked the way. Blocking road is not part of our protest: Rakesh Tikait, BKU leader in Ghazipur pic.twitter.com/v9y0ER4uDK
— ANI UP (@ANINewsUP) October 29, 2021
राकेश टिकैत ने इससे पहले शुक्रवार को ट्वीट के जरिए केंद्र सरकार पर हमला बोला। किसान नेता टिकैत ने कहा कि देश का अन्नदाता पिछले 11 महीने से लगातार सडक़ों पर बैठकर अपने हक को मांग रहा है, लेकिन केंद्र की मोदी सरकार हठधर्मिता अपनाते हुए तानाशाही कर रही है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार देश के अन्नदाताओं पर जुल्म पर जुल्म कर रही है। गरीबों की रोटी पर भी पूंजीपतियों का कब्जा हो गया है।
देश का अन्नदाता पिछले 11 महीने से लगातार सडक़ों पर बैठकर अपने हक को मांग रहा है, लेकिन केंद्र की मोदी सरकार हठधर्मिता अपनाते हुए तानाशाही कर रही है और देश के अन्नदाताओं पर जुल्म पर जुल्म कर रही है। गरीबों की रोटी पर भी पूंजीपतियों का कब्जा हो गया है।#FarmersProtest
— Rakesh Tikait (@RakeshTikaitBKU) October 29, 2021

