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रेलवे ने बुजुर्गो व खिलाड़ियों की छूट रद्द करने के बाद फिर से यात्रियों को दिया जोर का झटका; छोटे बच्चों का भी लगेगा पूरा किराया

Indian Railways ने यात्रियों को जोर का झटका धीरे से दिया है। अभी तक रेलवे में पांच साल तक के बच्चे मुफ्त सफर करते थे। अभी तक पांच से 11 साल के बच्चों को आधा किराया लगता था। रेलवे ने बिना सूचना के नियम में बदलाव कर दिया। अब ट्रेन में यात्रा के लिए एक साल के बच्चे का भी फुल टिकट लगेगा। अब आपके 5 साल से कम उम्र के बच्चों को भी पूरा किराया देना होगा। यदि आप 1 से 5 साल तक के बच्चे के लिए अलग सीट मांगते हैं तो आपको पूरा किराया देना होगा। वहीं आप यदि अलग सीट नहीं चाहते तो आप टिकट में सिर्फ उसका नाम दर्ज कर सकते हैं। आपको अलग से किराया नहीं देना होगा।

बता दें कि रेलवे 5 से 12 साल तक के बच्चों को यही दो विकल्प देता था, जिसमें अंतर यही था कि सीट न लेने की स्थिति में बच्चे का हाफ टिकट ही लगता था। रेलवे ने आईआरसीटीसी की वेबसाइट पर इस व्यवस्था को तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया है।

आईआरसीटीसी वेबसाइट पर रेलवे के नए नियम पर गौर करें तो अब सिर्फ 0 से 1 साल तक के बच्चे ही पूरी तरह से फ्री में सफर कर सकेंगे। भारतीय रेलवे द्वारा 06.03.2020 को जारी सर्कुलर संख्या 12 के अनुसार, यदि रेलवे में 5 वर्ष से कम उम्र का बच्चा यात्रा करता है तो रिजर्व बोगी में उसे रिजर्वेशन कराने की जरूरत नहीं है। 5 साल से छोटे बच्चे बिना टिकट के ट्रेन में यात्रा कर सकते हैं। अब उसे 12 साल के बच्चों की तरह सीट बुक कराने पर पूरा किराया देना होगा।

आयु 1-4 वर्षः चाइल्ड बर्थ/नो बर्थ का विकल्प मिलेगा। सीट न लेने पर बच्चा फ्री में यात्रा करेगा। बर्थ लेने पर पूरा चार्ज देना होगा

आयु 5-11 वर्षः अगर आप बच्चे के लिए बर्थ चुनते हैं तो पूरा चार्ज देना होगा, बिना बर्थ वाली चाइल्ड सीट चुनते हैं तो किराया आधा आयु 12 वर्ष बादः सभी के लिए पूरी टिकट शुल्क

रेलवे के नियम के अनुसार 6-11 वर्ष की आयु के बीच के बच्चे के लिए पूर्ण बर्थ ले रहे हैं, तो रेलवे को पूरा किराया देना होगा। अगर आप फुल बर्थ नहीं लेते हैं तो आपको टिकट की आधी कीमत ही देनी होगी। हालांकि, जब 5 साल से कम उम्र के बच्चों की टिकट के लिए भी आपको पूरा किराया देना होगा। पैसेंजर रिजर्वेशन सिस्टम ने एक से चार साल की उम्र के बच्चों के नाम भरने के बाद बच्चे की बर्थ न लेने का कोई विकल्प नहीं रखा है।

हालांकि, जब 5 साल से कम उम्र के बच्चों की बात आती है, तो यात्री आरक्षण प्रणाली ने एक से चार साल की उम्र के बच्चों के नाम भरने के बाद बच्चे की बर्थ न लेने का कोई विकल्प नहीं रखा है। इसका मतलब ये है कि अब अगर आप रिजर्वेशन कराते वक्त अपने बच्चे जिसकी उम्र 1.4 साल के बीच है तो उसकी भी टिकट लेनी होगी। रेलवे या फिर आईआरसीटीसी की वेबसाइट पर यह विकल्प हटा लिया गया जिसमें 1.4 साल तक के बच्चे मुफ्त यात्रा कर सकते थे।

भारतीय रेलवे ने हाल ही में बच्चों को लेकर एक खास पहल की थी। रेलवे ने दिल्ली से लखनऊ के बीच चलने वाली लखनऊ मेल की एसी थर्ड बोगी में बेबी बर्थ को शामिल किया था। रेलवे की इस पहल को यात्रियों से बहुत सराहना मिली थी।

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