Site icon Digital Bhoomi – Haryana's Leading News Plate form and Weekly Newspaper Get latest Haryana News

Panipat में दिव्यांगजनों के अधिकारों की सुरक्षा को प्रशासन की पहल, 3 आवेदनों को मिली कानूनी संरक्षक की मंजूरी

पानीपत, 6 अगस्त। नेशनल ट्रस्ट एक्ट के तहत दिव्यांगजनों के अधिकारों की सुरक्षा और उनके हितों को सुनिश्चित करने की दिशा में जिला प्रशासन ने महत्वपूर्ण कदम उठाया। नगराधीश टीनू पोसवाल की अध्यक्षता में वीरवार को सचिवालय सभागार में स्थानीय स्तरीय समिति (लोकल लेवल कमेटी) की बैठक आयोजित की गई, जिसमें कानूनी संरक्षक (लीगल गार्जियन) प्रमाण-पत्र जारी किए जाने से संबंधित आवेदनों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। बैठक में कमेटी की तरफ से  नगराधीश का बुके देखकर अभिनंदन किया गया।

बैठक में नेशनल ट्रस्ट एक्ट के अंतर्गत पोर्टल पर प्राप्त सात आवेदनों की समीक्षा की गई। जांच के दौरान पाया गया कि दर्ज मामले को लेकर आवेदकों ने सभी आवश्यक दस्तावेज समय पर कार्यालय में जमा कर दिए हैं। वहीं एक आवेदक ने नया आवेदन प्रस्तुत करने के कारण अपना पुराना आवेदन स्वयं निरस्त करने का अनुरोध किया। बैठक में यह भी बताया गया कि एक आवेदक ने आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराने के लिए अगस्त माह तक का समय मांगा है। जबकि दो आवेदकों को कार्यालय की ओर से कई बार पत्र एवं दूरभाष के माध्यम से सूचित किए जाने के बावजूद दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए गए। ऐसे में समिति ने दोनों आवेदनों को अस्वीकृत किए जाने पर सहमति व्यक्त की।

    बैठक में जिन तीन मामलों पर सकारात्मक विचार किया गया, उनमें श्रीमती जया जैन द्वारा अपनी 75 प्रतिशत बौद्धिक दिव्यांग से ग्रसित पुत्री निधि जैन का कानूनी संरक्षक बनने का आवेदन शामिल है। दूसरे मामले में श्रीमती रीतू सिंगला एवं उनके पति पंकज सिंगला ने 75 प्रतिशत सेरेब्रल पालसी से ग्रसित डैजी के संयुक्त कानूनी संरक्षक बनने के लिए आवेदन किया। तीसरे मामले में श्रीमती मधु ने अपनी 75 प्रतिशत बौद्धिक दिव्यांग पुत्री इति का कानूनी संरक्षक बनने का आवेदन प्रस्तुत किया, जिसे समिति ने नियमानुसार विचारार्थ स्वीकार किया।

    नगराधीश टीनू पोसवाल ने कहा कि दिव्यांगजनों के अधिकारों की रक्षा और उनके भविष्य को सुरक्षित करना जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। नेशनल ट्रस्ट एक्ट के तहत कानूनी संरक्षक की व्यवस्था ऐसे परिवारों के लिए बड़ी राहत है, जिनके दिव्यांग सदस्य स्वयं अपने कानूनी एवं वित्तीय मामलों का संचालन करने में सक्षम नहीं हैं। प्रशासन पूरी पारदर्शिता, संवेदनशीलता और नियमों के अनुरूप प्रत्येक आवेदन का निस्तारण सुनिश्चित कर रहा है। पात्र लाभार्थियों को समयबद्ध तरीके से कानूनी संरक्षक प्रमाण-पत्र उपलब्ध कराना हमारी प्रतिबद्धता है, ताकि दिव्यांगजन सम्मान और सुरक्षा के साथ अपना जीवन व्यतीत कर सकें।

बैठक में समिति के सदस्यों ने सभी मामलों की बारीकी से समीक्षा करते हुए नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने पर बल दिया तथा कहा कि भविष्य में भी पात्र दिव्यांग जनों को योजनाओं का लाभ पारदर्शी एवं समयबद्ध तरीके से उपलब्ध कराया जाएगा। इस मौके पर जिला कल्याण अधिकारी जयपान हुड्डा, जिला रोजगार अधिकारी रितु चहल,अधीक्षक विनोद कौशिक, पूर्व सरपंच  सत्यवान झंडा प्राण रत्नाकर, सतप्रकाश वैध के अलावा कई अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

Exit mobile version