रोहतक के डी-पार्क अग्निकांड के बाद प्रशासन हरकत में आ गया है। 9 जून को हुए भीषण हादसे में लगभग एक दर्जन दुकान जलकर राख हो गई थीं, जिससे व्यापारियों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा। अब जिला प्रशासन ने नुकसान का आंकलन करने और पूरे मामले की जांच के लिए दो अलग-अलग कमेटियों का गठन किया है। प्रशासन का दावा है कि प्रभावित दुकानदारों को हरसंभव मदद दिलाने की कोशिश की जाएगी ।
डी-पार्क मार्केट में आग लगने की घटना के बाद डीसी सचिन गुप्ता प्रभावित व्यापारियों से मिले और बातचीत की। डीसी ने बताया कि दुकानों का सर्वे कर नुकसान का विस्तृत आंकलन करने के लिए दो कमेटियों का गठन किया गया है। इसके साथ ही आग लगने के कारणों और घटना से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच की जाएगी जिला उपायुक्त का कहना है कि यह व्यापारियों के लिए बेहद कठिन समय है और प्रशासन इस दुःख की घड़ी में उनके साथ मजबूती से खड़ा है । उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि नुकसान का आंकलन पूरी पारदर्शिता के साथ और तय समय में पूरा किया जाए, ताकि आगे की राहत प्रक्रिया में किसी तरह की देरी न हो । वहीं व्यापारियों को आश्वासन देते हुए जिला उपयुक्त ने कहा कि उनका नुकसान उचित मुआवजा मिलेगा ।
फिलहाल प्रशासन की टीम जमीनी स्तर पर नुकसान का आंकलन करने में जुटी है। वहीं मुख्यमंत्री पहले ही हादसे में जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों को 10-10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा कर चुके हैं । अब व्यापारियों की नजर सर्वे रिपोर्ट और सरकार की राहत प्रक्रिया पर टिकी हुई है ।
9 जून 2026 को मॉडल टाउन में लगी भीषण आग के कारण 10 दुकानें पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गईं, जबकि 2 दुकानों को आंशिक नुकसान पहुंचा। इसके अलावा 4 मोटरसाइकिलें और 3 रेहड़ियां भी जलकर नष्ट हो गईं। इस हादसे से प्रभावित व्यापारियों को लाखों रुपये का नुकसान हुआ है तथा कई परिवारों की आजीविका पर संकट खड़ा हो गया है।
एसोसिएशन द्वारा सौंपे गए ज्ञापन में प्रशासन से मांग की गई कि प्रभावित व्यापारियों को शीघ्र आर्थिक सहायता प्रदान की जाए तथा नुकसान का सर्वे कर उचित मुआवजा दिया जाए, ताकि व्यापारी अपने व्यवसाय को दोबारा शुरू कर सकें।
उपायुक्त रोहतक ने प्रतिनिधिमंडल की बात को गंभीरता से सुना और मामले में आवश्यक कार्रवाई तथा हरसंभव सहायता का आश्वासन दिया।
