उपायुक्त सचिन गुप्ता ने जिला के शहरी क्षेत्रों में बरसाती जल निकासी परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिये कि वे इन कार्यों को समयबद्घ तरीके से पूर्ण करवाये। शहर में सडक़ों के साथ बनी स्टॉर्म वाटर ड्रेन व नालों की सफाई निर्धारित अवधि में पूर्ण करवाना सुनिश्चित किया जाये ताकि वर्षा ऋतु के दौरान शहर में जलभराव न हो। उन्होंने कहा कि आगामी मानसून सत्र के दौरान रोहतक में शहरी जलभराव रोकने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह से प्रतिबद्ध है।
सचिन गुप्ता स्थानीय लघु सचिवालय स्थित सभागार में शहरी क्षेत्रों में बरसाती जल निकासी के प्रबंधों की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि जिला के शहरी क्षेत्रों में जल निकासी के प्रबंधों के लिए संबंधित विभागों की कमेटी गठित की जाये। उन्होंने महम के उपमंडलाधीश विपिन कुमार से कहा कि वे महम में जारी कार्यों की निरंतर निगरानी करें। उपायुक्त सचिन गुप्ता ने कहा कि शहर में हर सडक़ के किनारे जल निकासी के लिए स्ट्रॉर्म वाटर ड्रेन सुनिश्चित की जाये और यदि कोई ड्रेन किसी कारणवश बंद है तो उसे सीवर से जोड़ा जाये।
उपायुक्त सचिन गुप्ता ने नगर निगम के अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि सीवर लाइन में पशुओं का गोबर बहाने वालों के चालान किये जाये ताकि सीवर लाइन जाम न हो। उन्होंने कहा कि सोनीपत रोड़ के अलावा शहर में नगर निगम द्वारा निगम से संबंधित जल निकासी ड्रेन व नालों की सफाई के कार्य को समयबद्ध पूर्ण करवाया जाये। उन्होंने कहा कि ड्रेन व नालों से शत-प्रतिशत गाद निकलवाकर यह सुनिश्चित किया जाये इसका साथ-साथ उठान हो ताकि यह गाद वापिस नालों व सीवर में बहकर न जाये। उन्होंने कहा कि निगम द्वारा नगर निगम में शामिल गांवों में जलभराव से संबंधित क्षेत्रों से जल निकासी के पुख्ता प्रबंध किये जाये।
सचिन गुप्ता ने कहा कि बरसाती जल निकासी के लिए जिला में करोड़ों रुपए की परियोजनाओं पर कार्य चल रहा है। उन्होंने एक-एक करके परियोजनाओं के बारे में रिपोर्ट प्राप्त की और आवश्यक दिशा निर्देश जारी किए। उन्होंने कहा कि जल निकासी की व्यवस्था मजबूत करने के लिए अभी हमारे पास पर्याप्त समय है। इसलिए समय से सारे कार्य पूर्ण कर लिया जाए। इसके साथ ही उन्होंने पिछले वर्ष के अनुभव के आधार पर आवश्यक सुधारात्मक उपायों को प्राथमिकता के आधार पर तथा विभागों के आपसी तालमेल से लागू किया जाये।
उपायुक्त सचिन गुप्ता ने बैठक के दौरान पिछले मानसून में सामने आए स्थायी जलभराव वाले स्थलों की लोकेशन-वार समीक्षा की। बैठक में स्थानीय मदवि के गेट संख्या 1 से लेकर रेलवे लाइन, सोनीपत रोड़, सेक्टर 3-4 की पुलिया, सुभाष चौक, छोटूराम चौक, गोकर्ण तीर्थ, नई अनाज मंडी सहित जलभराव के संबंधित क्षेत्रों से जल निकासी के व्यापक प्रबंध करने के निर्देश दिये गए। उन्होंने कहा कि गौकरण तीर्थ व जींद बाईपास से हिसार रोड़ पर रेलवे क्रॉसिंग तक जमा होने वाले जल निकासी के लिए सिंहपुरा डिस्पोजल तैयार किया गया है। यहां पर स्थायी पंप लगाये गए है तथा बिजली कनेक्शन भी करवाया गया है। उन्होंने कहा कि जनस्वास्थ्य विभाग द्वारा लगभग 22 किलोमीटर सीवर की सफाई का कार्य समयबद्घ तरीके से पूर्ण कर लिया जायेगा। विभाग के 80 प्रतिशत पंप सेट नए है तथा अन्य पंप सेट को भी दुरुस्त करवाया जा रहा है।
सचिन गुप्ता ने सभी विभागों को मानसून से पूर्व नालियों एवं नालों की डी सिल्टिंग, मशीनरी व पंपों की तत्परता, मानसून के दौरान समन्वित प्रतिक्रिया तंत्र तथा वर्षा के बाद जल निकासी समय की निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि वे प्राधिकरण के संबंधित सेक्टरों में जल निकासी के लिए सभी आवश्यक प्रबंध करवाये। समीक्षा बैठक में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आयुष यादव, उपमंडलाधीश आशीष कुमार व विपिन कुमार, नगर निगम के संयुक्त आयुक्त मनजीत कुमार व नमिता सिंह, जनस्वास्थ्य विभाग के अधीक्षक अभियंता शिवराज, जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी राजपाल चहल, सिविल सर्जन डॉ. रमेश चंद्र सहित संबंधित विभागों के उच्चाधिकारी मौजूद रहे।
