आदमपुर उपचुनाव राजनीतिक दलों के लिए चुनौती बन गया है जबकि भाजपा-जजपा गठबंधन सरकार कार्यकाल के दौरान यह तीसरा उपचुनाव है। उपचुनाव की घोषण होते ही सभी राजनीतिक दल सक्रिय हो गए हैं। बरोदा, ऐलनाबाद के बाद अब आदमपुर में उपचुनाव होगा। कुलदीप बिश्नोई द्वारा कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल होने के चलते यह उपचुनाव हो रहा है इसलिए यह भाजपा के लिए खास चुनौती है। बरौदा उपचुनाव कांग्रेस विधायक श्रीकृष्ण हुड्डा के निधन हो जाने के कारण जबकि ऐलनाबाद उपचुनाव इनैलो विधायक अभय चौटाला द्वारा इस्तीफा दिए जाने के चलते हुआ था। भाजपा ने इन चुनावों में भी पूरी ताकत झोंकी थी लेकिन इन क्षेत्रों में चुनाव परिणाम को लेकर भाजपा के आधार पर खास असर नहीं पड़ा था जबकि अब यह चुनाव जीतना भाजपा के आधार को साबित करेगा। 

आदमपुर शुरू से भजन लाल परिवार की परंपरागत सीट रही है। आम चुनाव से लेकर यहां हुए उपचुनावों में भजन लाल परिवार ही जीत हासिल करता आया है तो ऐसे में कुलदीप बिश्नोई के किले को भेदना किसी भी दल के लिए आसान नहीं होगा। हालांकि नेता प्रतिपक्ष भूपेन्द्र सिंह हुड्डा, इनैलो महासचिव अभय चौटाला तथा आम आदमी पार्टी पूरी ताकत से चुनाव मैदान में उतरेगी जबकि भाजपा-जजपा गठबंधन के साथ-साथ कुलदीप बिश्नोई के लिए यह चुनाव अगिन परीक्षा साबित होगा। 

भाजपा के संभावित प्रत्याशी एवं कुलदीप बिश्नोई के पुत्र भव्य बिश्नोई ने कहा कि इस उपचुनाव में सभी दलों को हराकर जीत दर्ज करेंगे। भव्य का कहना है कि वह चुनाव के लिए पूरी तरह से तैयार हैं। उन्होंने कहा कि व्यक्तिगत रूप से मैं लोगों के बीच हमेशा रहता हूं

कुलदीप बिश्नोई ने उपचुनाव की घोषणा का स्वागत करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री भूपेन्द्र सिंह हुड्डा को चुनौती देते हुए कहा कि यदि हुड्डा ने आदमपुर में विकास करवाने का काम किया है तो वो स्वयं या अपने बेटे दीपेंद्र को उपचुनाव लड़वाकर दिखाएं।

कांग्रेस हाईकमान द्वारा उदयभान को प्रदेशाध्यक्ष बनाए जाने तथा नेता प्रतिपक्ष भूपेन्द्र सिंह हुड्डा को फ्री हैंड दिए जाने के चलते कुलदीप बिश्नोई कांग्रेस से नाराज हो गए थे, जिसके चलते उन्होंने कांग्रेस को अलविदा कह भाजपा का दामन थाम लिया था। हालांकि कुलदीप बिश्नोई का साथ भाजपा के लिए भी नया नहीं है क्योंकि कुलदीप बिश्नोई की पुरानी पार्टी हजकां तथा भाजपा का गठबंधन रह चुका है जोकि 2014 के विधानसभा चुनाव के दौरान सीटों के बंटवारे को लेकर टूट गया था। बरोदा उपचुनाव में कांग्रेस ने बेशक जीत हासिल की थी लेकिन ऐलनाबाद उपचुनाव में कांग्रेस तीसरे नंबर पर रही थी तो ऐसे में आदमपुर उपचुनाव में कांग्रेस को कडी मेहनत करनी होगी। 

कुलदीप बिश्नोई तथा दुष्यंत चौटाला के बीच छत्तीस का आंकड़ा रहा है क्योंकि  2014 के लोकसभा चुनाव में कुलदीप बिश्नोई को हराकर ही दुष्यंत चौटाला चुनाव जीते थे। हालांकि इससे पूर्व हुड्डा सरकार के दौरान हिसार लोकसभा सीट पर हुए उपचुनाव में कुलदीप बिश्नोई ने कांग्रेस तथा इनैलो प्रत्याशी को हराया था। तब दुष्यंत चौटाला की पार्टी इनैलो थी। अब प्रदेश में भाजपा-जजपा गठबंधन की सरकार है तो ऐसे में कुलदीप या उनके पुत्र भव्य बिश्नोई भाजपा प्रत्याशी बनते हैं तो जजपा का रूख देखने वाला होगा। 

भाजपा प्रदेशाध्यक्ष ओम प्रकाश धनखड़ ने आदमपुर उपचुनाव के लिए कृषि मंत्री जे.पी. दलाल को चुनाव प्रभारी नियुक्त किया है। इसके अलावा राज्यसभा सांसद कृष्ण पंवार और सुरेन्द्र आर्य को चुनाव सहप्रभारी तथा संगठन की दृष्टि से वेदपाल एडवोकेट को नियुक्त किया गया है

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