हरियाणा सरकार ने अफसरों और कर्मचारियों की वार्षिक गोपनीय रिपोर्ट (ACR) प्रणाली में बड़ा बदलाव करने का फैसला लिया है। सरकार अब विभागवार, मापनीय और कार्य आधारित नई ACR प्रणाली लागू करेगी। इसके तहत अप्रैल 2027 से मैनुअल ACR पूरी तरह बंद कर दी जाएगी और डिजिटल परफॉर्मेंस मॉनिटरिंग सिस्टम लागू होगा।
मानव संसाधन विभाग की ओर से जारी पत्र में सभी प्रशासनिक सचिवों, विभागाध्यक्षों, बोर्ड-निगमों के प्रबंध निदेशकों, मंडलायुक्तों, उपायुक्तों और विश्वविद्यालयों के रजिस्ट्रारों को निर्देश भेजे गए हैं।
सरकार ने राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (NIC) या किसी तकनीकी टीम को ऐसा डिजिटल प्लेटफॉर्म विकसित करने के निर्देश दिए हैं, जो कर्मचारियों के कार्यों और उपलब्धियों को सीधे ACR से लिंक करेगा। यह प्लेटफॉर्म HRMS से इंटीग्रेटेड होगा, जिससे कर्मचारियों की कार्य क्षमता का स्वत: आकलन किया जा सकेगा
सरकार कर्मचारियों की परफॉर्मेंस के आधार पर टॉप से लेकर बॉटम तक रैंकिंग भी सार्वजनिक करेगी। इसके लिए चीफ सेक्रेटरी की वेबसाइट पर अलग सेक्शन बनाया जाएगा। राज्य, जिला और ब्लॉक स्तर पर “ऑनर बोर्ड” सिस्टम भी लागू किया जाएगा।
सभी विभागों को ऐसे अधिकारियों और कर्मचारियों की सूची NIC को भेजने के निर्देश दिए गए हैं, जिन स्तरों पर सबसे अधिक ACR लंबित रहती हैं। सरकार का कहना है कि इससे लंबित ACR की समस्या खत्म होगी और जवाबदेही बढ़ेगी।
मानव संसाधन विभाग ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि इन आदेशों की जानकारी अधीनस्थ कार्यालयों तक तुरंत पहुंचाई जाए और सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाए।
