रोहतक। हरियाणा के रोहतक STF ने झज्जर जिले के रोहद टोल प्लाजा से 25 हजार जिंदा कारतूसों के साथ उत्तर प्रदेश के पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के पास से दो गाड़ियां और 8 मोबाइल फोन भी बरामद हुए हैं। पूछताछ में सामने आया कि मुख्य आरोपी उत्तर प्रदेश के बदायूं का रहने वाला अफीफुद्दीन उर्फ मुन्ना है, जो कथित तौर पर बदायूं गनहाउस का मालिक है।
पुलिस के अनुसार, मुन्ना के साथ महिला जीनत भी कार में मौजूद थी, जिसे उसकी गर्लफ्रेंड बताया जा रहा है। पूछताछ में आरोपियों ने कारतूस सिरसा के महक गनहाउस से खरीदने की बात कही। इसके बाद रोहतक पुलिस ने गनहाउस संचालक विजय गोयल को भी पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है। पुलिस अब कारतूसों की खरीद-बिक्री और सप्लाई नेटवर्क की जांच कर रही है।
बिहार पुलिस के इनपुट पर रोहद टोल प्लाजा में कार्रवाई
STF इंचार्ज जोगेंद्र के अनुसार, बिहार पुलिस से मिले इनपुट के आधार पर टीम ने झज्जर जिले के रोहद टोल प्लाजा पर दोनों गाड़ियों को रुकवाया। इनमें टाटा हैरियर और हुंडई ऑरा शामिल थीं। दोनों गाड़ियों में कुल पांच लोग सवार थे।
पुलिस ने आरोपियों की पहचान अफीफुद्दीन उर्फ मुन्ना (49), जीनत (33), आसिम रईस (33), सबलू खान (32) और अरबाज अली (27) के रूप में बताई है। सभी उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं।
सीटों के नीचे बने गुप्त चेंबर में छिपाए थे कारतूस
STF के मुताबिक, शुरुआत में गाड़ियों की सामान्य जांच के दौरान कारतूस नजर नहीं आए। इसके बाद पुलिस ने सीटों के नीचे जांच की तो वहां विशेष चेंबर बने मिले। इन्हें खोलने पर बड़ी संख्या में जिंदा कारतूस बरामद हुए।
बरामद कारतूसों की गिनती ड्यूटी मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में करवाई गई। कुल 25 हजार जिंदा कारतूस मिलने की जानकारी दी गई है। पुलिस ने मौके से 8 मोबाइल फोन भी जब्त किए हैं।
सिरसा के महक गनहाउस संचालक से खरीदने की बात आई सामने
पूछताछ में पांचों आरोपियों ने कथित तौर पर बताया कि उन्होंने ये कारतूस सिरसा स्थित महक गनहाउस के संचालक विजय गोयल से खरीदे थे। पुलिस के अनुसार, आरोपी कारतूसों से संबंधित वैध लाइसेंस या जरूरी दस्तावेज पेश नहीं कर सके।
इसके बाद पुलिस ने विजय गोयल को भी हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की। जांच की जा रही है कि इतनी बड़ी संख्या में कारतूस उनके पास कहां से आए और उनकी बिक्री किन परिस्थितियों में की गई।
गर्लफ्रेंड को साथ रखने के पीछे क्या वजह?
पुलिस पूछताछ से जुड़े विवरणों के अनुसार, जीनत मुख्य आरोपी मुन्ना के साथ रहती थी। आरोप है कि वह उसे यात्राओं के दौरान साथ रखता था, ताकि पुलिस जांच के समय महिला की मौजूदगी से संदेह कम हो। हालांकि, इस भूमिका की स्वतंत्र पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
पुलिस यह भी पता लगा रही है कि आसिम रईस, सबलू खान और अरबाज अली की इस कथित सप्लाई नेटवर्क में क्या भूमिका थी।
पुलिस के सामने कई अहम सवाल
25 हजार कारतूसों की बरामदगी के बाद जांच एजेंसियों के सामने कई सवाल हैं। पुलिस पता लगा रही है कि इतनी बड़ी खेप कहां पहुंचाई जानी थी, इसके पीछे और कौन लोग शामिल हैं और कारतूसों की खरीद के लिए इस्तेमाल किए गए दस्तावेज वैध थे या नहीं।
इसके अलावा महक गनहाउस के स्टॉक रजिस्टर, खरीद-बिक्री के रिकॉर्ड और सप्लाई से जुड़े दस्तावेजों की जांच भी अहम होगी। जब्त किए गए 8 मोबाइल फोन से संपर्कों और संभावित नेटवर्क के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है।
सप्लाई नेटवर्क की जांच में जुटी STF
STF अब आरोपियों से पूछताछ के जरिए कारतूसों के स्रोत, खरीद-बिक्री और संभावित सप्लाई चैन का पता लगाने में जुटी है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि इस मामले का बिहार में सामने आए कारतूस बरामदगी के किसी अन्य नेटवर्क से संबंध है या नहीं।
फिलहाल जांच जारी है और पूरे नेटवर्क की भूमिका सामने आने के बाद ही स्पष्ट होगा कि इस अवैध सप्लाई में कौन-कौन शामिल था।
