उदया तिथि और शुभ मुहूर्त को देखते हुए 12 अगस्‍त की सुबह ही बहनें अपने भाई को राखी बांधें तो बेहतर रहेगा। 12 अगस्‍त, शुक्रवार को धाता और सौभाग्य योग भी बन रहे हैं।ऐसे शुभ योग में मनाया गया भाई -बहन के पवित्र रिश्‍ते का पर्व दोनों के जीवन में सुख-समृद्धि और लंबी आयु लाएगा।

इस रंग की राखी न बांधे:

हिंदू धर्म में काले रंग को अशुभ माना जाता है। ये रंग नकारात्मकता का प्रतीक माना जाता है। शुभ कार्यों में भी इसका प्रयोग वर्जित माना गया है। इसलिए जिस राखी में काला धागा या किसी भी प्रकार से काले रंग का प्रयोग किया गया हो, उसे न तो खरीदें और न ही भाई की कलाई पर बांधें।

न बांधे देवी-देवता की तस्वीर वाली राखी:

आजकल बाजार में देवी-देवताओं की तस्वीर या चिह्न वाली राखियां उपलब्ध हैं। बहुत सी बहनें इसे शुभ समझ कर खरीद लेती हैं। जबकि ऐसा नहीं करना चाहिए, क्योंकि इस तरह की राखियां आपके भाई की कलाई पर काफी समय तक बंधी रहती हैं, जिसकी वजह से ये अपवित्र भी हो जाती है। कभी-कभी ये टूट कर गिर भी जाती हैं। ऐसे में भगवान का अपमान होता है, जिसका अशुभ परिणाम भविष्य में भुगतना पड़ सकता है।

ऐसी राखी भी न खरीदें:

आजकल बाजार में कई तरह की राखियां उपलब्ध हैं। छोटे बच्चों के लिए अलग-अलग कार्टून वाली राखियां भी मिलने लगी हैं। ऐसे में भाई के लिए राखी खरीदते समय इस बात का ध्यान रखें कि उस पर किसी तरह का कोई अशुभ चिह्न न बना हो। ऐसी राखियां भाई के जीवन में नकारात्मकता लाती हैं।

खंडित राखी बांधने से बचें:

आजकल राखियां खरीदने के लिए बाजारों में काफी भीड़ देखने को मिल रही है। कई बार अधिक भीड़ और जल्दबाजी के चक्कर में आप खंडित राखी खरीद लेती हैं। यदि ऐसी राखी आपके पास आ जाए तो इसे भाई की कलाई पर न बांधें, क्योंकि खंडित चीजें शुभ काम के लिए सही नहीं मानी जाती हैं।

राखी बांधते समय लगाएं तीन गांठें:

तीन गांठें लगाना शुभरक्षाबंधन पर जब बहन अपने भाई की कलाई पर राखी बांधती है तो रक्षा सूत्र पर तीन गांठें लगाएं धार्मिक मान्यता के अनुसार, राखी बांधते समय तीन गांठें लगाना शुभ माना जाता है क्योंकि तीन गांठ का संबंध त्रिदेव ब्रह्मा, विष्णु और महेश से है।

राखी की पहली गांठ भाई की लंबी आयु के लिए, दूसरी गांठ स्वयं की लंबी आयु के लिए, तीसरी गांठ भाई बहन के रिश्ते में मिठास लाने और सुरक्षित रखने के लिए बांधी जाती है ऐसे में राखी बांधते समय तीन गांठें लगाना शुभ होता है।

आचार्य पवन तिवारी
संस्थापक अध्यक्ष ज्योतिष सेवा संस्थान
9621203721

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