हरियाणा में आम आदमी पार्टी अपना संगठन तैयार करने के लिए ज्यादा से ज्यादा कार्यकर्ताओं को पार्टी से जोड़ने के लिए आप नेता पंजाब के बड़े नेताओं की हार के उदाहरण देकर प्रभावित कर रहे हैं। ऐसे में पंजाब के पूर्व सीएम चरणजीत सिंह चन्नी और चंडीगढ़ मेयर चुनाव में तत्कालीन मेयर को हराने वाले कार्यकर्ताओं को आप हरियाणा में कार्यकर्ताओं के सामने रोल मॉडल के तौर पर पेश कर रही है।
पंजाब विधानसभा चुनाव में तत्कालीन सीएम चरणजीत सिंह चन्नी भदौड़ और चमकौर साहिब से उम्मीदवार थे। दोनों ही जगहों पर आप उम्मीदवारों ने चन्नी को हराया। भदौड़ में चन्नी को हराने वाले आप के लाभ सिंह उगाेके मोबाइल रिपेयर का काम करते हैं। लाभ सिंह की माता पंजाब के सरकारी स्कूल में कॉन्ट्रैक्ट पर सफाई कर्मचारी हैं। वहीं चंडीगढ़ नगर निगम चुनाव में तत्कालीन मेयर रवि कांत शर्मा को आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार दमनप्रीत सिंह उर्फ बादल ने हराया था, जो ढाबा चलाते हैं।
आप प्रभारी सुशील गुप्ता का कहना है कि हमने पहले दिल्ली को बदला, अब पंजाब को बदल रहे हैं। इसके बाद हरियाणा की बारी है। यहां भी बदलाव की आवश्यकता है। हम ईमानदार और काम की राजनीति करने आए हैं। हम आदमी के जीवन में बदलाव लाने के लिए आए हैं। हमनें दिल्ली और पंजाब में बदलाव करके दिखाया है। आप की ताकत का इससे पता चलता है कि पंजाब के तत्कालीन सीएम चरणजीत सिंह चन्नी को एक मोबाइल रिपेयर की दुकान पर काम करने वाले ने हराया। चंडीगढ़ के मेयर को एक ढाबे वाले ने हराया है। इसलिए थारे में से कोई भी एमएलए बन सके है।
हरियाणा में आम आदमी पार्टी ने अपना पुराना संगठन भंग कर दिया है। पार्टी ने अब हरियाणा में कार्यकर्ताओं को जोड़ने का अभियान शुरू कर दिया। प्रभारी का दावा है कि प्रदेश में 40 पूर्व एमएलए और एमपी पार्टी के संपर्क में है, परंतु हम केवल उन्हीं लोगों को शामिल करेंगे, जिन पर भ्रष्टाचार के आरोप नहीं होंगे।

