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AAP में हलचल: Ashok Mittal ने छोड़ी पार्टी, ED छापे के 10वें दिन लिया फैसला

आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद Raghav Chadha ने दावा किया है कि पार्टी के 10 में से 7 सांसद भाजपा में शामिल होने का फैसला कर चुके हैं। उन्होंने शुक्रवार शाम प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि यह निर्णय दो-तिहाई सांसदों का है, इसलिए दलबदल कानून लागू नहीं होगा।

राघव चड्ढा के अनुसार, Sandeep Pathak, Ashok Kumar Mittal, Harbhajan Singh, Vikramjit Singh Sahney, Swati Maliwal और Sanjeev Arora उनके साथ हैं। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान संदीप पाठक और अशोक मित्तल भी मौजूद रहे।

गौरतलब है कि अशोक मित्तल के आवास पर 10 दिन पहले Enforcement Directorate (ED) ने छापेमारी की थी। फिलहाल इस पूरे घटनाक्रम पर अन्य संबंधित पक्षों की आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है।

  1. 21 मार्च 2024 को लोकसभा चुनाव से पहले जब शराब घोटाले में केजरीवाल को गिरफ्तार किया गया। तब राघव ने न कुछ बोला, न कुछ लिखा।
  2. फरवरी 2025 में जब दिल्ली चुनाव के नतीजे आए, तो AAP को करारी हार मिली। सिर्फ 22 सीटें जीतीं। जबकि BJP ने 48 सीटें जीतकर सरकार बनाई। तब राघव चुप्पी साधे रहे। पार्टी के किसी कार्यक्रम में भी नहीं दिखे।
  3. 2025 की शुरुआत में ही राघव के सोशल मीडिया से AAP का बैनर और चुनाव निशान हटने लगे। AAP के अंदर चर्चा होने लगी कि राघव पार्टी के बजाय पर्सनल ब्रांडिंग पर फोकस कर रहे हैं। न पार्टी दफ्तर आते हैं, न किसी नेता से मिलते हैं।
  4. 27 फरवरी 2026 को दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने केजरीवाल, मनीष सिसोदिया सहित बाकी आरोपियों को शराब नीति घोटाले में CBI के मामले से बरी कर दिया। AAP ने इस का जश्न मनाया, लेकिन राघव नदारद रहे।
  5. ईरान जंग छिड़ने के बाद राघव चड्ढा ने पार्टीलाइन पर संसद में बोलने से इनकार कर दिया था। हाल ही में जब पार्टी व्हिव के तहत AAP सांसदों ने वॉकआउट किया, तब राघव सदन में मौजूद रहे।

सीएम मान बोले- पार्टी बड़ी होती है, आदमी बड़ा नहीं होता। इन्हें सीट मिल गई, न हाथ जोड़ने पड़े न चुनाव लड़ना पड़ा। इनका होना उधर कुछ भी नहीं है। वह बीजेपी है। केवल अपना रंग लगाकर छोड़ देंगे।

पंजाब के सीएम भगवंत मान बोले- इन लोगों ने आज हमारी पार्टी के सांसदों को तोड़ा। ये वही वॉशिंग मशीन है, जो शरद पवार की पार्टी तोड़ने में इस्तेमाल की गई थी। पंजाबी जब प्यार करते हैं तो दिल से करते हैं, जब उनसे धोखा किया जाता है तो पंजाबी जो करते हैं उन्हें कई पीढ़ियां याद रखती हैं।

कांग्रेस सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा ने कहा कि जब पार्टी के “मेन आर्किटेक्ट” ने ही साथ छोड़ दिया, तो यह अपने आप में बड़ा सवाल खड़ा करता है। भगवंत मान और अरविंद केजरीवाल को इस पूरे मामले पर जवाब देना चाहिए। जो नेता पहले दूसरों पर सवाल उठाते थे, अब उन्हें खुद अपने हालात पर सफाई देनी पड़ेगी। आने वाले चुनावों से पहले पार्टी के बाकी सांसद भी साथ छोड़ सकते हैं।

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