गांव मायना, रोहतक में महिला संवाद एवं सत्संग का आयोजन
मायना, रोहतक। गांव मायना में महिला संवाद एवं सत्संग कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में गांव की महिलाओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और सामाजिक, आध्यात्मिक एवं महिला सशक्तिकरण से जुड़े विषयों पर संवाद किया।
कार्यक्रम की शुरुआत दया बहन जी द्वारा आर्य समाज पद्धति से हवन-यज्ञ के साथ की गई। इसके पश्चात भजन-कीर्तन एवं सत्संग का आयोजन हुआ, जिसमें गांव की महिलाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए आध्यात्मिक वातावरण को भक्तिमय बना दिया।
कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में सुनीता ढांडा जी जिला कार्यवाह राष्ट्रीय सेविका समिति का सत्संग मंडली की सबसे बुजर्ग महिला ने पगड़ी पहनाकर स्वागत किया।सुनीता ढांडा ने महिलाओं को सकारात्मक सोच, सामाजिक जागरूकता एवं आपसी सहयोग के महत्व के बारे में जानकारी दी। उन्होंने महिलाओं से समाज और परिवार के विकास में अपनी सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में श्रीमती रेनू डाबला पहुंचीं। हरियाणा राज्य अनुसूचित जाति आयोग की वाइस चेयरमैन बनने पर गांव मायना की महिलाओं ने उनका फूल-मालाओं एवं शॉल से भव्य स्वागत एवं अभिनंदन किया। इस अवसर पर रेनू डाबला ने गांव की महिलाओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि महिलाओं का स्नेह, सम्मान और आशीर्वाद उनके लिए प्रेरणादायी है। उन्होंने महिलाओं को आगे बढ़ने तथा समाजहित के कार्यों में सक्रिय भागीदारी करने के लिए प्रोत्साहित किया।
इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि मिथलेश हुड्डा ने महिलाओं को रसोई वाटिका के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि घर में रसोई वाटिका लगाकर परिवार को ताजी, पौष्टिक एवं प्राकृतिक सब्जियां उपलब्ध कराई जा सकती हैं तथा इससे पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलता है।
कार्यक्रम के दौरान सभी अतिथियों का फूल-मालाओं एवं शॉल भेंट कर स्वागत एवं सम्मान किया गया। कार्यक्रम में महिलाओं द्वारा प्रस्तुत भजन-कीर्तन ने सभी का मन मोह लिया।
कार्यक्रम के आयोजक काला मायना ने सभी अतिथियों, मातृशक्ति एवं कार्यक्रम में उपस्थित महिलाओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार के महिला संवाद एवं सत्संग कार्यक्रम महिलाओं को एक मंच प्रदान करने के साथ-साथ सामाजिक जागरूकता, आपसी भाईचारे और सकारात्मक विचारों को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
कार्यक्रम का समापन आपसी सौहार्द, सामाजिक एकता और महिला सशक्तिकरण के संकल्प के साथ हुआ।
