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मुंबई रेलवे स्टेशन प्लेटफॉर्म पर ‘3 इडियट्स’ स्टाइल में हुई महिला की डिलीवरी, वीडियो हुआ वायरल, लोग बोले- ये है असली रैंचो

मुंबई में गुरुवार को एक रेलवे स्टेशन पर एक युवक ने वीडियो कॉल के जरिए महिला की डिलीवरी कराई। जानकारी के अनुसार 27 साल के इस शख्स का नाम विकास बेद्रे हैं, जो पेशे से वीडियो कैमरामैन है। विकास ने महिला की स्थिति को देखते गायनेकोलॉजिस्ट को फोन किया।इससे पहले बच्चा आधा बाहर आ चुका था। विकास ने वीडियो कॉल पर डॉक्टर से डिलीवरी के निर्देश लिए। विकास ने चायवाले से कैंची लेकर गर्भनाल काटी और डिलीवरी कराई। बच्चा और मां दोनों सुरक्षित हैं।सोशल मीडिया पर लोग विकास की फोटो पोस्ट कर उन्हें असल जिंदगी का रैंचो (3 इडियट्स फिल्म का एक किरदार) बता रहे हैं। दरअसल, 2009 में आई 3 इडियट्स फिल्म में आमिर खान ने रैंचो का किरदार निभाया था। जिसमें वह इंजीनियर होते हैं, लेकिन फोन के जरिए डिलीवरी करवाते हैं।मिली जानकारी के अनुसार कैमरामैन विकास बेद्रे 14 अक्टूबर की रात करीब 1 बजे लोकल ट्रेन में यात्रा कर रहे थे। जैसे ही ट्रेन उत्तरी मुंबई के राम मंदिर स्टेशन के पास पहुंची, बगल वाले डिब्बे में एक महिला को प्रसव पीड़ा शुरू हो गई।उपनगर विरार की रहने वाली महिला अंबिका झा (24) अपने भतीजे और भतीजी के साथ थीं। जब विकास ने महिला को दर्द में देखा तो उन्होंने तुरंत ट्रेन की इमरजेंसी चेन खींच दी।स्टेशन पर उतरने के बाद, विकास ने सबसे पहले एम्बुलेंस या डॉक्टर ढूंढ़ने की कोशिश की, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। फिर उन्होंने अपनी फ्रेंड डॉक्टर देविका देशमुख को फोन किया, तब तक बच्चे का सिर पहले ही बाहर निकल चुका था।विकास के मुताबिक ‘इस पर देविका ने मुझसे कहा कि अब तुम्हें डॉक्टर बनना होगा’। फिर उन्होंने मुझे समझाया कि क्या करना है, वो जैसा कहती रहीं मैंने वही किया।मैं प्लेटफार्म पर एक चाय की दुकान से किसी तरह एक कैंची ले आया। डिलीवरी की तैयारी में मदद के लिए कुछ चादरें भी इकट्ठा कीं। फिर बच्चे का जन्म कराया।चश्मदीद ने वीडियो शेयर किया, लोग बोले- ये असली रैंचो चश्मदीद मंजीत ढिल्लों ने इस पूरी घटना की जानकारी सोशल मीडिया पर शेयर की। ढिल्लन ने यह भी दावा किया कि महिला का परिवार उसे पास के एक अस्पताल ले गया था, लेकिन उन्हें बताया गया कि वहां डिलीवरी संभव नहीं है, इसलिए उन्हें उसे ट्रेन से वापस लाना पड़ा। प्रसव के बाद, महिला के रिश्तेदार उसे एक निजी एम्बुलेंस में सरकारी कूपर अस्पताल ले गए।

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