हरियाणा विधानसभा का एक दिन का विशेष सत्र 27 अप्रैल को होगा। यह फैसला सोमवार सुबह गुरुग्राम में हुई कैबिनेट बैठक में लिया गया। इस सत्र में हरियाणा क्लेरिकल सर्विस बिल-2026 लाया जाएगा।
साथ ही भाजपा विपक्षा के खिलाफ ‘नारी शक्ति वंदन’ बिल को लेकर निंदा प्रस्ताव ला सकता है। मुख्यमंत्री नायब सैनी ने कहा कि कांग्रेस समेत अन्य विपक्षियों दलों ने इस बिल का विरोध कर महिलाओं का अपमान किया है।
दरअसल, सरकार लोकसभा सीटें 543 से बढ़ाकर 850 करने के लिए 131वां संविधान संशोधन बिल लाई थी। इस पर 528 सांसदों ने वोट किया, जिसमें 298 पक्ष में और 230 विपक्ष में थे। बिल पास होने के लिए 352 वोट चाहिए थे, लेकिन पूरे नहीं मिले, इसलिए बिल 54 वोट से पास नहीं हो सका।
- मुख्यमंत्री नायब सैनी ने प्रेस कॉनफ्रेंस कर कहा कि 17 अप्रैल को विपक्ष ने महिलाओं के विश्वास और उम्मीदों को ठेस पहुंचाने का काम किया। कांग्रेस, टीएमसी और अन्य विपक्षी दलों ने देश की नारी का उपहास उड़ाया।
- उन्होंने आगे कहाकि 23 जनवरी 2015 को प्रधानमंत्री ने ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ अभियान की शुरुआत की थी, जो एक ऐतिहासिक कदम था। अब एक बार फिर महिलाओं के उत्थान और सशक्तिकरण के लिए पहल की गई, लेकिन विपक्ष ने अपना असली चेहरा दिखाते हुए महिलाओं का अपमान किया
