हरियाणा के करनाल में झाड़ियों में मिले एक युवक के शव ने पुलिस और परिवार दोनों को गहरे सवालों में डाल दिया है। मामला अब एक साधारण हत्या नहीं बल्कि अंतरराज्यीय साजिश, अपहरण और संभवतः लूट से जुड़ी रहस्यमयी मर्डर मिस्ट्री बनता जा रहा है। मृतक की पहचान पंजाब के होशियारपुर निवासी 33 वर्षीय मानव के रूप में हुई है, जो 15 मई की रात Thailand के लिए फ्लाइट पकड़ने वाला था। लेकिन फ्लाइट से महज कुछ घंटे पहले वह रहस्यमयी परिस्थितियों में गायब हो गया और अगले दिन उसका शव करनाल में मिला।
इस पूरे घटनाक्रम ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। आखिर दिल्ली के होटल से मानव को कौन ले गया? उसका मोबाइल मध्य प्रदेश तक कैसे पहुंचा? क्या यह किसी एजेंट की साजिश थी या फिर कोई बड़ा नेटवर्क इसके पीछे काम कर रहा था? पुलिस अब दिल्ली से लेकर करनाल और मध्य प्रदेश तक कड़ियां जोड़ने में जुटी हुई है।
परिवार के मुताबिक मानव अपनी पत्नी रेशमी और जुड़वां बेटों के साथ 14 मई को दिल्ली पहुंचा था। उसकी पत्नी और बच्चे 15 मई की सुबह फ्लाइट से मलेशिया रवाना हो गए, जबकि मानव को उसी रात करीब 11:30 बजे थाईलैंड के लिए उड़ान भरनी थी
मानव की मां मंजू बाला ने बताया कि बेटा उनके साथ होटल में रुका हुआ था। सब कुछ सामान्य चल रहा था, लेकिन शाम होते-होते हालात अचानक बदल गए।
मामले का सबसे रहस्यमयी हिस्सा वह है जब 15 मई की शाम करीब 8 से 8:30 बजे दो युवक होटल पहुंचे। इनमें से एक युवक सिख बताया जा रहा है। दोनों ने खुद को एजेंट का आदमी बताते हुए कहा कि कुछ दस्तावेजों पर साइन करवाने हैं।
मां मंजू के अनुसार युवकों ने भरोसा दिलाया कि वे मानव को 10-15 मिनट में वापस छोड़ देंगे। मानव उनके साथ चला गया, लेकिन फिर कभी वापस नहीं लौटा।
परिवार के मुताबिक रात करीब 1:40 बजे तक मानव का फोन चालू था और उसकी मां से बातचीत भी हुई थी। इसके बाद अचानक उसका मोबाइल बंद हो गया। मानव की पत्नी रेशमी ने भी बताया कि रात करीब 11:50 बजे तक उसकी मानव से फोन पर बात हुई थी। उसके बाद उसका फोन लगातार बंद आने लगा। परिवार ने पहले अपने स्तर पर तलाश शुरू की, लेकिन कहीं कोई सुराग नहीं मिला। अगले दिन सुबह करनाल से एक अज्ञात शव मिलने की सूचना सामने आई।
16 मई की सुबह करीब 7:30 बजे करनाल के बसताड़ा क्षेत्र में झाड़ियों के बीच एक युवक का शव मिला था। शव की हालत देखकर पुलिस को हत्या की आशंका हुई। पहचान के लिए पुलिस ने शव की तस्वीरें और पहचान चिह्न अलग-अलग राज्यों और थानों में भेजे। युवक के हाथ में कड़ा था और बाजू पर अंग्रेजी में ‘गोल्डी’, ‘लक्की’ और ‘आदी’ लिखा हुआ था। इन्हीं निशानों के आधार पर 18 मई को शव की पहचान मानव के रूप में हुई।
इसके बाद परिवार को सूचना दी गई, जिससे पूरे परिवार में मातम छा गया
मामले के जांच अधिकारी लछमन ने बताया कि पोस्टमॉर्ट के बाद 19 मई की शाम को शव परिजनों को सौंप दिया गया। चूंकि युवक को दिल्ली से ले जाया गया था, इसलिए आगे की जांच दिल्ली पुलिस करेगी। पुलिस अब होटल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों को खंगाल रही है, ताकि दोनों संदिग्ध युवकों की पहचान हो सके। साथ ही उस एजेंट तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है, जिसने मानव का वीजा लगवाया था। यह भी जांच का विषय है कि क्या वाकई एजेंट ने ही युवकों को भेजा था या फिर कोई और साजिश थी।
मानव की मौत के बाद कई सवाल खड़े हो गए हैं। क्या वह उन दोनों युवकों को जानता था, जो उसे होटल से लेकर गए? अगर उन्हें एजेंट ने भेजा था तो उसने एजेंट से पुष्टि क्यों नहीं की? क्या यह किसी प्रकार की रंजिश का मामला है या फिर लेन-देन का विवाद? परिजनों के अनुसार उनकी किसी से कोई दुश्मनी नहीं थी। ऐसे में पुलिस अब हर एंगल से जांच कर रही है।
रेशमी ने बताया कि 15 मई की सुबह मानव ने उन्हें (पत्नी व बेटों) एयरपोर्ट पर छोड़ा। उसके बाद होटल लौटा। रेशमी के अनुसार 15 मई की रात 11:50 बजे तक उसकी मानव से फोन पर बात हुई थी। इसके बाद उसका फोन बंद हो गया। बाद में सास से पता चला कि मानव लापता है। यह सुनकर वह 18 मई की रात बच्चों के साथ वापस भारत आ गई। मां मंजू ने बताया कि मानव के गायब आई-फोन की आखिरी लोकेशन 18 मई को मध्य प्रदेश की मिली है।
