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24 घंटे में एक ही परिवार की दो बेटियों की जान ले गया जहरीला सांप, गांव में पसरा मातम

सतना जिले के छीन्दा खम्हारिया खुर्द गांव में एक दर्दनाक घटना सामने आई है। एक ही परिवार की दो सगी बहनों की मौत, 24 घंटे के अंदर जहरीले सांप ‘करैत’ के काटने से हो गई। यह हादसा गुरुवार और शुक्रवार की रात को हुआ। इस घटना ने पूरे गांव को सदमे में डाल दिया है।

गुरुवार की रात परिवार के सभी लोग घर में सो रहे थे। उसी दौरान अचानक 10 साल की सपना साहू की तबीयत बिगड़ने लगी। जब परिजनों ने ध्यान दिया, तो देखा कि उसके शरीर पर सांप के काटने के निशान हैं। वे तुरंत उसे अस्पताल ले जाने लगे, लेकिन रास्ते में ही सपना ने दम तोड़ दिया। उसकी मौत से पूरा परिवार गहरे सदमे में चला गया।

सपना की मौत के बाद परिवार शुक्रवार रात उसके शव के पास बैठकर शोक मना रहा था। तभी अचानक दूसरे कमरे से 17 साल की बड़ी बहन निशा साहू की चीख सुनाई दी।
जब घरवाले भागकर वहां पहुंचे, तो देखा कि निशा के हाथ में सांप ने काट लिया था।

परिजन उसे तुरंत सतना जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। डॉक्टरों ने तुरंत इलाज शुरू किया और एंटी-स्नेक वेनम दिया गया। लेकिन करैत सांप का ज़हर बहुत खतरनाक होता है। इलाज के बाद भी निशा की हालत बिगड़ती रही और शनिवार सुबह उसकी भी मौत हो गई।

24 घंटे के अंदर दो बेटियों की मौत से साहू परिवार पूरी तरह से टूट गया है। गांव में भी मातम का माहौल है। लोग इस दुख में परिवार के साथ खड़े हैं।

सर्पमित्र शंखधर तिवारी ने बताया कि दोनों घटनाओं में करैत प्रजाति के सांप के डसने की संभावना है। यह सांप बहुत जहरीला होता है और अक्सर रात में घरों में घुस जाता है।
हालांकि, कई कोशिशों के बाद भी सांप को पकड़ा नहीं जा सका है। वन विभाग और सर्पमित्रों की टीम लगातार खोज कर रही है।

स्थानीय लोगों ने बताया कि इस गांव में सांप निकलना आम बात है, लेकिन प्राथमिक इलाज और समय पर एंटी-स्नेक वेनम (जहर का इलाज) न मिलने की वजह से ऐसी घटनाएं जानलेवा साबित होती हैं जनपद सदस्य गौरव सिंह ने बताया कि दोनों बहनों के शवों का पोस्टमार्टम जिला अस्पताल में कराया गया, जिसके बाद गांव में उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।

इस घटना ने न केवल एक परिवार को उजाड़ दिया, बल्कि यह भी दिखा दिया कि गांवों में अभी भी सर्पदंश से बचाव और समय पर इलाज की व्यवस्था कितनी कमजोर है। प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग को इस दिशा में तुरंत कदम उठाने की जरूरत है, ताकि ऐसी दर्दनाक घटनाएं दोबारा न हों। 

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