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मत्स्य पालकों के लिए बड़ी पहल: आधे घंटे में मिलेगी पानी की जांच रिपोर्ट, मोबाइल टेस्टिंग वैन रवाना

रोहतक , 2 मई। उपायुक्त सचिन गुप्ता ने कहा कि मत्स्य पालन विभाग द्वारा किसानों की सहायता के लिए तीन मोबाइल वाटर टेस्टिंग वैन खरीदी गई हैं, जिन्हें रोहतक, हिसार तथा सिरसा जिलों को प्रदान किया गया है। उपायुक्त सचिन गुप्ता ने आज वैन का लोकार्पण किया। उन्होंने वैन को हरी झंडी दिखाकर लघु सचिवालय परिसर से जल नमूनों की जांच के लिए रवाना किया। लोकार्पण के पहले दिन इस वैन के माध्यम से सुंदरपुर, घरोठी, इंदरगढ़ तथा चांदी गांवों के तालाबों के पानी की गुणवत्ता की जांच की गई।
सचिन गुप्ता ने कहा कि इस मोबाइल वैन का मुख्य उद्देश्य मत्स्य पालकों को उनके तालाबों एवं जल गुणवत्ता से संबंधित समस्याओं का त्वरित समाधान उपलब्ध करवाना है। पूर्व में किसानों को पानी के नमूनों की जांच के लिए प्रयोगशाला में जाना पड़ता था, जहाँ रिपोर्ट आने में 2-3 दिन का समय लग जाता था। दूर-दराज क्षेत्रों के किसानों को लाहली (रोहतक) अथवा हिसार संस्थान तक आने में काफी असुविधा होती थी तथा प्रति नमूना जाँच के लिए 100 से 150 रुपये का शुल्क भी देना पड़ता था। अब मोबाइल वैन के माध्यम से उन्हें अपने तालाब पर मौके पर ही बिना किसी शुल्क के रिपोर्ट मिल सकेगी।
उपायुक्त सचिन गुप्ता ने कहा कि यह मोबाइल वाटर टेस्टिंग वैन सीधे किसानों के तालाबों तक पहुँचकर जल नमूने एकत्रित करेगी तथा लगभग आधे घंटे के भीतर जाँच रिपोर्ट उपलब्ध कराएगी। इस जाँच में सामान्यत: 10 प्रमुख पैरामीटर्स की जाँच की जाएगी, जिनमें एचपी, घुलित ऑक्सीजन, सलिनिटी, अल्कलाइनिटी, टोटल हार्डनेस, कैल्शियम, मैग्नीशियम, अमोनिया, नाइट्रेट एवं नाइट्राइट आदि शामिल है। रिपोर्ट के माध्यम से किसानों को यह जानकारी मिलेगी कि पानी में कौन-सा पैरामीटर निर्धारित सीमा से अधिक या कम है, जिससे वे समय रहते आवश्यक सुधार कर सकें। इससे मछली पालन करने वाले किसानों को विशेष लाभ मिलेगा और वे यह सुनिश्चित कर सकेंगे कि उनका तालाब मछली पालन के लिए उपयुक्त है या नहीं।
सचिन गुप्ता ने कहा कि रिपोर्ट के माध्यम से किसानों को तुरंत जानकारी मिल जाएगी कि पानी में कौन सा पैरामीटर निर्धारित सीमा से अधिक या कम है, जिससे वे समय रहते आवश्यक सुधार कर सकेंगे। इसके अतिरिक्त जिन तालाबों में अभी मत्स्य पालन शुरू होना है, उनके जल नमूनों की भी जाँच की जाएगी ताकि यह निर्धारित किया जा सके कि वे तालाब मछली पालन हेतु उपयुक्त हैं या नहीं। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा प्रदान की गई यह वैन मत्स्य क्षेत्र के लिए एक सराहनीय एवं किसान हितैषी पहल सिद्ध होगी। यह पहल किसानों के लिए अत्यंत उपयोगी साबित होगी तथा मछली उत्पादन को बढ़ावा देने में सहायक बनेगी। इस सेवा के माध्यम से मछली पालन को और अधिक वैज्ञानिक एवं लाभकारी बनाया जा सकेगा। किसान इस सुविधा का लाभ उठाने के लिए स्थानीय लघु सचिवालय स्थित कमरा संख्या 302 में जिला मत्स्य अधिकारी कार्यालय में संपर्क कर सकते हैं। इस दौरान जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी राजपाल चहल व जिला मत्स्य अधिकारी आशा हुड्डा सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

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