चंडीगढ़। हरियाणा सरकार ने दिवाली से पहले गन्ना किसानों को बड़ी राहत देते हुए गन्ने के भाव में बढ़ोतरी की घोषणा की है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने गुरुवार को नए रेट का ऐलान किया। सरकार ने वर्ष 2026-27 के पेराई सीजन के लिए गन्ने का भाव 430 रुपये प्रति क्विंटल और वर्ष 2027-28 के लिए 450 रुपये प्रति क्विंटल तय किया है।
पहले हरियाणा में गन्ने का भाव 415 रुपये प्रति क्विंटल था। इस तरह आगामी पेराई सीजन में किसानों को 15 रुपये और उसके अगले साल 20 रुपये प्रति क्विंटल की अतिरिक्त कीमत मिलेगी। दो वर्षों में कुल 35 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी की गई है।
दो साल के लिए घोषित हुए नए रेट
मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुसार गन्ने की कीमतें इस प्रकार रहेंगी:
- 2025-26: 415 रुपये प्रति क्विंटल
- 2026-27: 430 रुपये प्रति क्विंटल
- 2027-28: 450 रुपये प्रति क्विंटल
सरकार का कहना है कि बेहतर भाव मिलने से किसानों को गन्ने की खेती के लिए प्रोत्साहन मिलेगा और प्रदेश में गन्ने का रकबा बढ़ाने में मदद मिलेगी।
पंजाब में सब्सिडी मिलाकर करीब ₹485 मिल रहा भाव
हरियाणा में गन्ने के नए रेट की तुलना पड़ोसी राज्य पंजाब से भी की जा रही है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, पंजाब में गन्ने का राज्य निर्धारित मूल्य (SAP) 416 रुपये प्रति क्विंटल है। इसके अलावा 68.50 रुपये प्रति क्विंटल की सब्सिडी दी जा रही है।
इस तरह पंजाब के किसानों को कुल मिलाकर करीब 484.50 रुपये यानी लगभग 485 रुपये प्रति क्विंटल मिल रहे हैं। इस तुलना में हरियाणा का आगामी सीजन का भाव अभी भी पंजाब से कम है।
किसानों की मांग के बाद लिया फैसला: CM
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बताया कि पिछले दिनों किसान संगठनों के प्रतिनिधियों से मुलाकात के दौरान गन्ने का भाव बढ़ाने की मांग उठाई गई थी। किसानों की मांग और गन्ने की खेती के घटते क्षेत्रफल को देखते हुए सरकार ने यह फैसला लिया है।
सीएम के अनुसार, गन्ने का रकबा कम होने से चीनी मिलों को भी पूरी क्षमता से चलाने में परेशानी हो रही थी। सरकार को उम्मीद है कि बेहतर कीमत मिलने से किसान गन्ने की खेती बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित होंगे और मिलों को पर्याप्त गन्ना मिल सकेगा।
प्रति एकड़ 10 से 11.5 हजार रुपये तक बढ़ सकती है आय
मुख्यमंत्री ने दावा किया कि गन्ने के भाव में बढ़ोतरी से किसानों की प्रति एकड़ आय में एक सीजन के दौरान करीब 10 हजार से 11,500 रुपये तक का इजाफा हो सकता है। हालांकि वास्तविक लाभ किसान की पैदावार और खेती की लागत पर निर्भर करेगा।
10 साल में करीब 140 रुपये बढ़ा गन्ने का भाव
गन्ना विभाग के आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2014-15 में हरियाणा में गन्ने का भाव 310 रुपये प्रति क्विंटल था। इसके बाद अलग-अलग वर्षों में कीमतों में बढ़ोतरी की गई। अब 2027-28 के लिए इसे 450 रुपये प्रति क्विंटल करने की घोषणा की गई है। इस तरह एक दशक से अधिक समय में गन्ने के भाव में करीब 140 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी हुई है।
कृषि विशेषज्ञ बोले- महंगाई के मुकाबले बढ़ोतरी कम
गन्ने के नए रेट पर कृषि विशेषज्ञों ने भी अपनी राय दी है। भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान, नई दिल्ली के पूर्व प्रधान वैज्ञानिक डॉ. वीरेंद्र लाठर ने इस बढ़ोतरी को खेती की बढ़ती लागत के मुकाबले कम बताया।
उन्होंने कहा कि खाद, बीज, मजदूरी और अन्य कृषि खर्च लगातार बढ़ रहे हैं। महंगाई की मौजूदा स्थिति को देखते हुए गन्ने के भाव में कम से कम 50 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी होनी चाहिए थी। उनके अनुसार, मौजूदा बढ़ोतरी किसानों की बढ़ती लागत की पूरी भरपाई करने के लिए पर्याप्त नहीं है।
किसानों को बढ़े हुए भाव का इंतजार
सरकार के इस फैसले से प्रदेश के गन्ना किसानों को आगामी पेराई सीजन में पहले से अधिक कीमत मिलेगी। हालांकि किसान संगठनों और कृषि विशेषज्ञों की नजर अब इस बात पर रहेगी कि बढ़ा हुआ भाव खेती की लागत और किसानों की वास्तविक आय पर कितना असर डालता है।

