सिरसा जिले के ऐलनाबाद में सोमवार को एसडीएम कार्यालय के बाहर दो पक्षों में झगड़ा हुआ, जिसमें लात-घूसे चले। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है। वीडियो में एक पार्षद प्रतिनिधि भी झगड़े में शामिल लोगों से बहस करते और किसी को धक्का देते दिखाई दे रहे हैं। उनके खिलाफ धमकी देने का आरोप भी लगाया गया है।
जानकारी के अनुसार, वार्ड 15 में कुछ स्टोन फैक्ट्रियां हैं, जिनसे आसपास के रिहायशी इलाके में शोर और परेशानियां बढ़ रही हैं। स्थानीय लोगों ने फैक्ट्रियों के खिलाफ एसडीएम कोर्ट में शिकायत दी हुई है, जिसकी सुनवाई चल रही थी। इसी दौरान दोनों पक्ष एसडीएम कार्यालय पहुंचे, तभी पार्षद प्रतिनिधि भी वहां मौजूद थे।
आरोप है कि गोरू कंबोज, जो वार्ड 17 के पार्षद प्रतिनिधि हैं, का वार्ड 15 से कोई संबंध नहीं है। उनका वहां आने का मकसद झगड़ा भड़काना था। स्थानीय लोगों ने पार्षद प्रतिनिधि और अन्य के खिलाफ पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई है।
शिकायतकर्ता विशाल ने बताया कि उन्होंने तीन माह पहले एसडीएम कोर्ट में शिकायत दी थी। उनके मोहल्ले में तीन स्टोन कटिंग की अवैध फैक्ट्रियां रिहायशी क्षेत्र में चल रही थीं। पिछले तीन महीनों से उन्हें लगातार तारीखें मिल रही थीं। सोमवार को सुनवाई के लिए वे एसडीएम कार्यालय पहुंचे।
विशाल के अनुसार, एसडीएम ने उनके पक्ष में फैसला देने की कोशिश की और फैक्ट्री संचालकों को कहा कि वे 7 दिन के भीतर अपनी फैक्ट्रियों को ढक लें या उन्हें बंद कर दें। मोहल्ले के सभी लोग फैक्ट्रियों के शोर से परेशान हैं।
शिकायतकर्ता विशाल ने बताया कि एसडीएम खुद मौके पर निरीक्षण के लिए आए थे और फैक्ट्रियों की वास्तविक स्थिति देख ली थी। उन्होंने कहा कि पार्षद प्रतिनिधि गोरू ने उन्हें धमकी दी थी कि “तुम एसडीएम ऑफिस के बाहर मिलो।” सुनवाई के बाद एसडीएम ने दोनों पक्षों को बाहर भेज दिया था और उनके पक्ष में फैसला दिया गया था।
विशाल के अनुसार, इसी दौरान पार्षद प्रतिनिधि ने झगड़ा भड़काने की साजिश रची। बाहर निकलते ही उन्होंने लड़ाई शुरू करने की कोशिश की। जब विशाल ने वीडियो बनाई, तो उनके और मोहल्ले के अन्य निवासियों पर जानलेवा हमला करने की धमकी दी गई। साथ ही बाइक से एक्सीडेंट करवाने और कटर चलाकर मारने की धमकी भी दी गई।
जानकारी के अनुसार, फैक्ट्री संचालकों ने चार साल पहले मोहल्ले में फैक्ट्री लगाई थी। उस समय स्थानीय लोगों ने विरोध किया, तो संचालकों ने कहा कि उन्होंने लोन लिया है और साल-छह माह में फैक्ट्री हटा दी जाएगी। लेकिन चार साल बीत जाने के बावजूद फैक्ट्री नहीं हटाई गई।
स्थानीय लोगों ने बताया कि इस बीच भाईचारे और सौहार्द के प्रयास होते रहे, लेकिन फैक्ट्री संचालकों ने धमकी दी कि अगर विरोध किया तो कोर्ट या थाने जाओ। लोग फैक्ट्री के दिन-रात चलने वाले शोर-शराबे से परेशान हो गए।
विशाल ने यह भी कहा कि नगर पालिका ऐलनाबाद से कोई सहयोग नहीं मिला और अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है।
मोहल्ला निवासी महिला सीमा देवी ने बताया, फैक्ट्री के शोर से सभी परेशान है और इसकी मालकिन भी लोगों से गाली-गलौज करती है। वहीं, स्थानीय निवासी सुखदेव शर्मा ने बताया, पार्षद प्रतिनिधि गोरू ने ही इस मामले को तूल दिया है। वरना इसका कल ही फैसला हो जाता।
