रोहतक, 5 नवंबर। उपायुक्त सतबीर सिंह ने कहा कि वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) द्वारा राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र एवं आसपास के क्षेत्रों में वायु प्रदूषण की रोकथाम एवं नियंत्रण के लिए आवश्यक प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किए हैं। यह आदेश 20 नवंबर 2026 तक प्रभावी रहेंगे। जिला की राजस्व सीमा में इस दौरान धूल उत्पन्न करने वाले निर्माण एवं ध्वतिकरण गतिविधियों पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है। अधिकारी आदेशों की पालना सुनिश्चित करें।
सतबीर सिंह स्थानीय लघु सचिवालय स्थित सभागार में वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग द्वारा जारी हिदायतों के अनुपालना के संदर्भ में आयोजित बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने कहा कि आयोग की हिदायतों की पालना में जिला में वायु प्रदूषण की रोकथाम एवं नियंत्रण के लिए धूल उत्पन्न करने वाली ध्वस्तीकरण एवं बाहरी निर्माण गतिविधियांे पर प्रतिबंधित रहेंगी। यह प्रतिबंध राजमार्ग, सड़क, फ्लाईओवर, ओवरब्रिज, विद्युत पारेषण लाइन, पाइपलाइन तथा दूरसंचार कार्यों सहित रैखिक सार्वजनिक परियोजनाओं पर भी लागू होगा।
उपायुक्त सतबीर सिंह ने कहा कि संबंधित अधिकारी चिन्हित हाॅटस्पाॅट पर धूल नियंत्रण के सभी प्रबंध करना सुनिश्चित करें। संबंधित अधिकारियों द्वारा धूल नियंत्रण के लिए सडकों पर पानी का छिड़काव करवाया जाये। पुलिस द्वारा चिन्हित स्थानों पर यातायात प्रबंधन के सभी प्रबंध किये जाये। संबंधित विभागों द्वारा निरंतर निरीक्षण किया जाये तथा निर्माण व ध्वस्तिकरण कार्य करने वालों का चालान किया जाये। हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा भी इन आदेशों की उल्लंघना करने वालों पर हिदायतों अनुसार निर्धारित जुर्माना लगाया जायेगा।
उपायुक्त सतबीर सिंह ने कहा कि रेलवे, मेट्रो सेवाएं, हवाई अड्डे, अंतर्राज्यीय बस टर्मिनल, अस्पताल, जलापूर्ति एवं स्वच्छता, राष्ट्रीय सुरक्षा एवं रक्षा संबंधी गतिविधियां तथा राष्ट्रीय महत्व की परियोजनाओं को इस प्रतिबंध से छूट दी गई है। हालांकि, छूट प्राप्त परियोजनाओं को भी धूल नियंत्रण संबंधी निर्धारित मानकों तथा निर्माण एवं ध्वस्तीकरण अपशिष्ट प्रबंधन नियमों का कड़ाई से पालन करना होगा। उन्होंने जिला के सभी नागरिकों, निर्माण एजेंसियों, विभागों एवं संबंधित संस्थानों का आह्वान किया है कि वे वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए जारी निर्देशों का पूर्णतः पालन करें और स्वच्छ एवं स्वस्थ पर्यावरण बनाए रखने में जिला प्रशासन का सहयोग करें।
सतबीर सिंह ने कहा कि जिला प्रशासन द्वारा इस संदर्भ में संबंधित विभागों एवं अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। निर्माण एवं ध्वस्तीकरण गतिविधियों पर प्रतिबंध की निगरानी नगर निगम आयुक्त, एचएसवीपी प्रशासक, जिला नगर योजनाकार, हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी तथा अन्य संबंधित कार्यकारी एजेंसियां करेंगी। रैखिक सार्वजनिक परियोजनाओं के लिए एनएचएआई, लोक निर्माण विभाग, यूएचबीवीएन, एचवीपीएनएल एवं अन्य संबंधित एजेंसियां जिम्मेदार होंगी।
सतबीर सिंह ने कहा कि जिला में फसल अवशेष जलाने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। जिला में फसल अवशेष प्रबंधन की निगरानी के लिए गठित समितियों को रात्रि के समय भी सक्रिय किया जाये। उन्होंने किसानों का भी आह्वान किया है कि वे पराली अथवा फसल अवशेषों में आग न लगाएं तथा पर्यावरण संरक्षण के लिए उपलब्ध वैकल्पिक उपायों को अपनाएं।
उपायुक्त सतबीर सिंह ने कहा कि फसल अवशेष जलाने की रोकथाम की जिम्मेदारी उप निदेशक कृषि को सौंपी गई है, जबकि सभी उपमंडल अधिकारी (नागरिक) अपने-अपने क्षेत्रों में हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के संबंधित क्षेत्रीय अधिकारी के साथ निगरानी सुनिश्चित करेंगे। पुलिस अधीक्षक रोहतक भी सीएक्यूएम के निर्देशों को प्रभावी ढंग से लागू करवाने में संबंधित एजेंसियों को आवश्यक सहयोग प्रदान करेंगे।
सतबीर सिंह ने कहा कि संबंधित अधिकारी नियमित निरीक्षण करेंगे तथा निरीक्षण किए गए स्थलों, पाए गए उल्लंघनों एवं की गई कार्रवाई की दैनिक रिपोर्ट तैयार कर निर्धारित समय तक हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय कार्यालय को उपलब्ध करवाएंगे। इन आदेशों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में उपमंडलाधीश आशीष कुमार, प्रादेशिक परिवहन प्राधिकरण के सचिव वीरेंद्र सिंह ढुल, नगर निगम की संयुक्त आयुक्त नमिता सिंह, नगराधीश शुभम, जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी राजपाल चहल, सिविल सर्जन डाॅ कमला वर्मा, हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी दिनेश कुमार सहित अन्य संबंधित विभागों के उच्चाधिकारी मौजूद रहे। महम के उपमंडलाधीश विपिन कुमार वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से मीटिंग से जुडे।
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