केंद्र सरकार की ओर से लाई गई अग्नीपथ स्कीम के विरोध में अब संयुक्त किसान मोर्चा भी प्रदर्शन करने की योजना बना चुका है। इसकी पुष्टि किसान नेता राकेश टिकैत ने की है। राकेश टिकैत ने सोमवार को कहा कि संयुक्त किसान मोर्चा (SKM) सेना में भर्ती से जुड़ी अग्निपथ योजना के खिलाफ 24 जून को देशव्यापी प्रदर्शन करेगा।
राकेश टिकैत ने कहा कि विरोध प्रदर्शन का निर्णय करनाल में एसकेएम की समन्वय समिति की बैठक के दौरान लिया गया। किसान नेताओं ने सैक्टर-3 में एक निजी औद्योगिक संस्थान में गुप्त बैठक की। किसान नेताओं ने अग्निपथ योजना को लेकर काफी देर मंथन किया। किसान नेता राकेश टिकैत, योगेंद्र यादव, जोगिंद्र सिंह उग्राहा, जगजीत सिंह दल्लेवाल, किसान नेता हन्नान मौला व भाकियू प्रदेश अध्यक्ष रतनमान ने अपने-अपने विचार रखे। टिकैत ने शुक्रवार को प्रदर्शन के लिए युवाओं, नागरिक संस्थाओं और राजनीतिक दलों के समर्थन का आग्रह किया है।
टिकैत ने कहा, ‘करनाल में एसकेएम समन्वय समिति के निर्णय के अनुसार 24 जून को देशभर के जिला व तहसील मुख्यालयों पर अग्निपथ योजना के विरोध में संयुक्त किसान मोर्चा प्रदर्शन करेगा।’भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) के राष्ट्रीय प्रवक्ता टिकैत ने ट्वीट किया, ‘युवाओं, नागरिक संस्थाओं, दलों से एकत्रित होने की अपील है। भारतीय किसान यूनियन का 30 जून को होने वाला प्रदर्शन 24 जून को होगा।’
संयुक्त किसान मोर्चा का 24 जून को अग्निपथयोजना के खिलाफ देशभर में जिला-तहसील मुख्यालयों पर विरोधप्रदर्शन।SKMकॉर्डिनेशन कमेटी का करनाल में फैसला।युवा-नागरिक संगठनों-पार्टियों से जुटने की अपील।भाकियू 30 के प्रदर्शन के बजाय 24 के फैसले में ही शामिल। @ANI @PTI_News #YouthEmpowerment pic.twitter.com/NFaGjYEiNM
— Rakesh Tikait (@RakeshTikaitBKU) June 20, 2022
विरोध प्रदर्शन देशभर में तहसील व उपमंडल स्तर पर होगा। किसान नेताओं ने जनता से अपील कि हिंसा के रास्ते पर न चलें। राकेश टिकैत ने कहा कि अहिंसा के रास्ते पर चलकर अपना विरोध दर्ज करवाएं। राकेश टिकैत ने बताया कि 21 जून को एस.के.एम. की मीटिंग जींद की जाट धर्मशाला में होगी। इसमें आंदोलन की आगामी रूपरेख पर तय की जाएगी।
टिकैत के संगठन भाकियू ने पहले 30 जून को अग्निपथ योजना के खिलाफ विरोध प्रदर्शन का आह्वान किया था। भाकियू कृषि कानूनों के खिलाफ एसकेएम के नेतृत्व वाले आंदोलन का हिस्सा थी। कृषि कानून वापस ले लिए गए थे।
