करीब दो साल पहले सोनीपत में एक मां ने अपनी 12 साल की मासूम बेटी को तांत्रिक के हवाले कर दिया और तांत्रिक ने उसका यौन शोषण भी किया। जब बालिका ने बचने के लिए शोर मचाया तो कलयुगी मां ने उसके मुंह में कपड़ा ठूस दिया। इस मामले में फास्ट ट्रैक कोर्ट ने नाबालिग की मां और तांत्रिक दोनों को 20-20 साल कैद की सजा के साथ साथ दोनों पर डेढ़ लाख रुपए जुर्माना भी किया है जिसमें एक लाख रुपए पीड़िता को मिलेंगे।
सोनीपत शहर निवासी एक महिला बलराज नाम के तांत्रिक के चक्कर में पड़ी थी जिसके चलते उसका अपने पति के साथ भी विवाद हो गया था और वह उसे छोड़ कर चला गया था। महिला के साथ तीन बच्चे रहते थे, जिसमें एक 12 साल की बेटी थी। एक दिन वह अपने कमरे में थी तो इसी दौरान तांत्रिक बलराज उर्फ बलजीत वहां आया और उसने बालिका के साथ छेड़छाड़ शुरू कर दी। बालिका ने शोर मचाया तो उसकी मां ने उसे डांटा और तांत्रिक का साथ दिया और उसके मुंह में कपड़ा ठूंस दिया। इसके बाद घर में ही तांत्रिक ने उसके साथ दुष्कर्म किया।
तांत्रिक और मां से बच कर बच्ची भागने लगी तो उसकी जमकर पिटाई की गई। उसे उसके भाई बहन के साथ जान से मारने की धमकी भी दी गई जिसके बाद से मासूम बच्ची सहमी सी रहने लगी। कुछ दिन बाद उसका मामा घर आया तो वह उसके साथ अपने नाना के यहां चली गई। वहां पर उसका व्यवहार गुमसुम देख कर उसकी मौसी ने उससे बात की। काफी प्रयासों के बालिका ने मौसी को सारी बातें बता दी। इसके बाद 12 सितंबर, 2020 को मौसी ने उसके पिता को बुलाया और सारी बातें उनको बता दी।
नाबालिगा ने बताया कि उसके साथ जनवरी, 2020 में ज्यादती की गई थी। पिता ने उसी दिन बालिका की मां और तांत्रिक के खिलाफ पुलिस में केस दर्ज करा दिया। मामले में एएसआई सरिता ने छानबीन की और आरोपी तांत्रिक बलराज उर्फ बलजीत और बच्ची की मां को भी गिरफ्तार कर लिया। महिला ने पूछताछ में खुलासा किया था कि वह गृह क्लेश के चलते तांत्रिक के पास जाती थी। तांत्रिक ने उसे झांसे में लिया और सब कुछ ठीक करने का आश्वासन दिया।
बालिका के यौन शोषण के इस मामले की सुनवाई अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुरुचि अतरेजा सिंह की फास्ट ट्रैक कोर्ट में चल रही थी। कोर्ट ने बालिका के बयान, मेडिकल रिपोर्ट और गवाहों के बयान व सबूतों के आधार पर बच्ची की मां व तांत्रिक दोनों को ही दोषी करार दिया। दोनों को कोर्ट ने 20-20 साल कैद की सजा सुनाई। कोर्ट ने साथ ही महिला पर 70 हजार और तांत्रिक पर 80 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है। इसमें से 1 लाख रुपए पीड़िता को दिए जाने का आदेश कोर्ट ने दिया है।
