गुरुग्राम: प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए गुरुग्राम जिला प्रशासन ने पटाखों की बिक्री के खिलाफ सख्त रुख अपना लिया है। शनिवार सुबह तक पटाखे खरीदने की निर्धारित समय सीमा समाप्त होने के बाद अब जिले में पटाखों की बिक्री पर रोक लगा दी गई है। डिप्टी कमिश्नर उत्तम सिंह ने नई एडवाइजरी जारी करते हुए स्पष्ट किया है कि प्रतिबंध के बावजूद पटाखे बेचने वालों के खिलाफ सीधे FIR दर्ज की जाएगी।
डीसी ने कहा कि प्रदूषण फैलाने और प्रशासनिक आदेशों की अवहेलना करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। नियमों का पालन सुनिश्चित कराने के लिए जिले में अलग-अलग टीमें तैनात की गई हैं।
वर्क फ्रॉम होम के आदेशों पर भी सख्ती
पटाखों की अवैध बिक्री के साथ जिला प्रशासन वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) के वर्क फ्रॉम होम संबंधी निर्देशों को लेकर भी सख्त है। प्रदूषण कम करने के उद्देश्य से सरकारी और निजी संस्थानों के लिए वर्क फ्रॉम होम के निर्देश जारी किए गए थे।
डीसी उत्तम सिंह के अनुसार, प्रशासनिक जांच में कई संस्थानों द्वारा इन आदेशों का उल्लंघन करने की जानकारी सामने आई है। ऐसे संस्थानों की पहचान की जा रही है, जहां कर्मचारियों को नियमों के विपरीत जबरन कार्यालय बुलाया जा रहा है। आदेशों का उल्लंघन करने वाले संस्थानों पर भारी जुर्माना लगाने के साथ कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।
छापेमारी के लिए विशेष टीमें गठित
प्रशासन ने पटाखों की अवैध बिक्री पर नजर रखने के लिए उपमंडल स्तर पर विशेष कमेटियां और फ्लाइंग स्क्वॉड बनाए हैं। ये टीमें शहर के प्रमुख बाजारों, गोदामों और संदिग्ध ठिकानों पर लगातार जांच और छापेमारी कर रही हैं।
यदि कोई दुकानदार प्रतिबंध के बावजूद पटाखों का स्टॉक रखता या बिक्री करता पाया जाता है, तो पटाखे जब्त करने के साथ उसके खिलाफ पुलिस केस दर्ज किया जाएगा।
अवैध बिक्री की सूचना इन नंबरों पर दें
डीसी उत्तम सिंह ने आम लोगों से प्रशासनिक आदेशों का पालन करने और प्रदूषण नियंत्रण में सहयोग करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि जिले में कहीं भी पटाखों की अवैध बिक्री दिखाई दे या कोई संस्थान CAQM के वर्क फ्रॉम होम नियमों का उल्लंघन करता मिले, तो इसकी सूचना प्रशासन को दें।
इसके लिए कंट्रोल रूम नंबर 112 और हेल्पलाइन नंबर 92897 90948 जारी किया गया है।
शिकायतकर्ता की पहचान रखी जाएगी गुप्त
प्रशासन के मुताबिक, शिकायत मिलने पर संबंधित टीम तुरंत मौके पर पहुंचकर कार्रवाई करेगी। सूचना देने वाले नागरिक की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।

